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#MeToo से भाजपा में मचा कोहराम, आरोपी पदाधिकारी को पद से हटाया

Mon, 05 Nov 2018 08:50 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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भाजपा में मीटू के खुलासे के बाद शनिवार को प्रदेश संगठन से जुड़े आरोपी पदाधिकारी को उनके पद से हटा दिया गया है। चूंकि आरोपी पदाधिकारी संघ की पृष्ठभूमि से हैं, लिहाजा इसकी आधिकारिक घोषणा संघ ही करेगा, यह कहते हुए सभी जिम्मेदार इस मसले पर कुछ भी कहने से बचते रहे।

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यह मामला उजागर होने के बाद शनिवार को उत्तराखंड की सियासत में कोहराम मचा रहा। इधर, पीड़िता ने अमर उजाला से फोन पर कहा कि वह आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराना चाहती है, मगर उसे अब भी यकीन नहीं हो रहा है कि ऐसा हो पाएगा।
 
दरअसल, भाजपा से जुड़ी एक महिला कार्यकर्ता ने प्रदेश संगठन से जुड़े एक वरिष्ठ पदाधिकारी पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। इस कार्यकर्ता ने साक्ष्य देेते हुए अमर उजाला से अपनी तकलीफ साझा की थी। अमर उजाला ने इस मसले को शनिवार को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद दिल्ली से लेकर दून तक भाजपा और आरएसएस के हलकों में दिन भर पीड़िता और आरोपी पदाधिकारी को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। सरकार से जुड़े एक जिम्मेदार का कहना है कि आरोपी पदाधिकारी को हटाया जा चुका है, वह अब केवल अपना सामान समेटने ही उत्तराखंड आएंगे। इस बीच खुफिया एजेंसी और पुलिस पीड़िता को तलाशती रही।

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पीड़िता सामने आएगी तो हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे- मुख्यमंत्री

इस मसले पर प्रदेश अध्यक्ष भट्ट का कहना है कि वह मामले का अध्ययन करके रविवार को अधिकृत जानकारी देंगे। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से इस बाबत बात हुई तो उन्होंने कहा कि इन आरोपों को लेकर पीड़िता सामने आएगी तो हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

मामला उजागर होने के बाद भाजपा और दूसरे दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं में आरोपी पदाधिकारी और पीड़िता के बारे में जानने की बेताबी नजर आई। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अनुग्रह सिंह ने कोटद्वार में मीडिया के सवालों को जवाब देेते हुए कहा कि भाजपा चाल, चरित्र और चेहरे वाली पार्टी होने का दावा करती है। इस लिहाज से यह बेहद गंभीर मामला है, इसमें सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

मीडियाकर्मी भी पीड़िता को दिन भर तलाशते रहे। सरकार की खुफिया एजेंसी और पुलिस भी पीड़िता को खोज रही है, ताकि उसकी शिकायत पर कानूनी कार्रवाई की जा सके। इस बीच आरोपी पदाधिकारी का पक्ष जानने का भी काफी प्रयास किया गया। उनका मोबाइल बंद मिला। भाजपा कार्यालय में भी उनसे संपर्क नहीं हो पाया। उनका जब भी पक्ष प्राप्त होगा, उसे हूबहू प्रकाशित किया जाएगा। 
 
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आरएसएस ने दिए कार्रवाई के संकेत

आरएसएस पृष्ठभूमि वाले पदाधिकारी पर कार्रवाई का खाका तैयार किया जा रहा है। आरएसएस ने इस पूरे मामले में पदाधिकारी की कारस्तानी को बेहद गंभीरता से लिया है। इस संबंध में रविवार को बैठक संभव है। इस पूरे प्रकरण की छाया भाजपा से होते हुए आरएसएस तक पहुंच रही है। इसकी दो वजह हैं। एक, यह पदाधिकारी आरएसएस से ही भाजपा संगठन में आकर पूर्णकालिक रूप से काम कर रहा है। दूसरा, आरोप लगाने वाली पीड़िता के अनुसार, उसका संघ से पुराना नाता रहा है। पीड़िता ने इस संबंध में खुलकर बातें कहीं हैं।

इन स्थितियों के चलते, पदाधिकारी पर कार्रवाई का जितना दबाव भाजपा पर है, उतना ही संघ पर भी माना जा रहा है। पूरे संगठन में नीचे से लेकर ऊपर तक हलचल मची हुई है। इस पदाधिकारी को लेकर इस तरह की चर्चाएं पहले से होती रही हैं, लेकिन इस बार पूरा मामला जिस तरह से सामने आया है, उसने संघ-भाजपा को कडे़ कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया है। संघ के एक वरिष्ठ पदाधिकारी के अनुसार, पूरा मामला संज्ञान में आ चुका है। इसे बेहद गंभीरता से लिया गया है। कार्रवाई की जाएगी। पदाधिकारी के मुताबिक, रविवार को इस संबंध में बैठक हो सकती है।
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