महिलाओं ने उत्पीड़न के आरोप को सिरे से नकारते हुए कहा कि मासिक धर्म के दौरान उन्हें स्नान आदि के लिए नदी में जाना पड़ता था। इसके चलते खुद महिलाओं ने ग्राम प्रधान मुकेश जोशी से गांव के बीच में एक अलग कमरा बनाने की मांग की थी।
इसके बाद ही ग्राम पंचायत ने इस भवन को बनवाया। 14वें वित्त की 1.99 लाख रुपये से यह इस केंद्र को बनाया गया था। टीम में अपर जिलाधिकारी टीएस मर्तोलिया, एसडीएम सीमा विश्वकर्मा, डीडीओ आरसी तिवारी, डीपीआरओ सुरेश बैनी, जिला कार्यक्रम अधिकारी पीएस ब्रजवाल, राजस्व उप निरीक्षका एमएस बंग्याल, ग्राम विकास अधिकारी कौशल पांडेय, ग्राम प्रधान मुकेश जोशा आदि थे।
घुरचुम के दौरे में गई उप जिला मजिस्ट्रेट सीमा विश्वकर्मा ने बताया कि ग्रामीणों को मासिक धर्म के दौरान महिलाओं के साथ छुआछूत की भावना नहीं रखने का संकल्प दिलाया गया। सभी ग्रामीणों ने भरोसा दिलाया कि गांव में महिलाओं से किसी तरह का भेदभाव नहीं किया जाएगा।
नदी में बनी पगडंडी को पार कर पहुंचे डीएम
घुरचुम ग्राम पंचायत के कोटा में बने केंद्र के निरीक्षण के लिए जिलाधिकारी रणवीर चैहान के साथ अन्य अधिकारियों को क्वैराला नदी को पार करने के लिए नदी में बनी पगडंडी का सहारा लेना पड़ा। ग्रामीण वर्षो से नदी में पुल बनाने की मांग कर रहे हैं, मगर पुल आज तक नहीं बना।
चंपावत जिले के घुरचुम गांव की शर्मसार करने वाली स्थिति के बाद सरकार हरकत में आई है। महिला सशक्तीकरण मंत्री रेखा आर्या ने गांव में चल रहे रजस्वला केंद्र को तुरंत सील करने व मामले की गहनता से जांच कराने के निर्देश डीएम चंपावत को दिए है।
उन्होंने डीएम से यह भी कहा है कि वह पूरे क्षेत्र में इस बात की भी जांच करवा लें कि कहीं और तो रजस्वला केंद्र तो संचालित नहीं किए जा रहे हैं। घुरचुम गांव में रजस्वला केंद्र संचालन की बात सामने आने के बाद पूरी सरकारी मशीनरी में हलचल मची हुई है। 2016-17 में 14 वें वित्त आयोग से मिली धनराशि से ग्राम पंचायत ने इस केंद्र का निर्माण कराया है।
आरोप है कि मासिक धर्म की अवधि के दौरान गांव की महिला व बालिकाओं को इस केंद्र में रखा जाता है। इस केंद्र का निर्माण करीब दो लाख रुपये से कराया गया है। जनता मिलन कार्यक्रम में निर्माण संबंधी अनियमितता के बाद यहां पर रजस्वला केंद्र चलने की जानकारी मिली थी। इस मामले में डीएम चंपावत ने डीपीआरओ को जांच के निर्देश दिए हैं।
इन स्थितियों के बीच, शुक्रवार को महिला सशक्तीकरण मंत्री रेखा आर्या ने डीएम चंपावत को इसे तुरंत सील कराने के लिए कहा है। आर्या के अनुसार, यह प्रकरण शर्मनाक है और नाकाबिले बर्दाश्त है। डीएम को इसे सील करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा प्रकरण की गहनता से जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।