विधानसभा भवन में दूसरी बाद राजय दिब्यांगजन सलाहकार बोर्ड की बैठक के निरस्त होने के बाद गेट के समक
उत्तराखंड दिव्यांग सलाहकार बोर्ड की बैठक बृहस्पतिवार को लगातार तीसरी बार टल गई। इससे प्रदेशभर से पहुंचे बोर्ड के सदस्यों ने नाराजगी जताई है। सदस्यों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द बैठक की तिथि तय नहीं की गई तो वे सभी राज्यपाल को इस्तीफा सौंप देंगे।
बोर्ड के सदस्यों ने बताया कि उन्हें दो दिन पहले बैठक की सूचना दी गई थी। बृहस्पतिवार को जब वह विधानसभा पहुंचे तब समाज कल्याण मंत्री यशपाल आर्य के स्टाफ ने उन्हें बैठक टलने की सूूचना दी। इस पर बोर्ड सदस्यों ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से दिव्यांग बैठक में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं। ऐसे में एकाएक बैठक टालने का निर्णय ठीक नहीं है। इनमें अनंत प्रकाश मेहरा, अमित डोभाल, सुरेंद्र रावत, लक्ष्मण, अनिल सक्सेना, स्वाति तिवारी व शेखर पंत शामिल रहे। गौरतलब है कि दिव्यांग सलाहकार बोर्ड के गठन को छह महीनों से अधिक का समय हो गया है लेकिन एक बार भी बैठक नहीं हो सकी है। सरकार ने अभी तक बोर्ड का अध्यक्ष भी नियुक्त नहीं किया है। आलम ये है कि अभी तक न बोर्ड का कार्यालय बनाया गया है और न ही सदस्यों के बैठने की कहीं व्यवस्था की गई है। सरकार की ओर से अभी तक बोर्ड के सदस्यों को उनके दायित्वों से अवगत भी नहीं कराया गया है।
सदस्यों का कहना है दिव्यांग उनके पास समस्याएं लेकर पहुंचते हैं लेकिन दायित्व व अधिकारों की जानकारी न होने के कारण वे उनकी समस्याओं का समाधान नहीं करा पा रहे हैं। जिस कारण उनको दिव्यांगों के गुस्से व कटाक्ष का शिकार होना पड़ता है। सदस्यों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द बैठक की तिथि तय नहीं की गई तो वे सभी राज्यपाल को इस्तीफा सौंप देंगे।
अधिकारों और दायित्वों की जानकारी जरूरी
बोर्ड के सक्रिय सदस्य अनंत प्रकाश मेहरा का कहना था कि सरकार ने हमें सदस्य बनाकर जो सम्मान सौंपा है, उसके लिए हम सरकार के प्रतिनिधि के रूप में दिव्यांगों के हितों में काम करना चाहते हैं लेकिन इसके लिए हमें अधिकारों और दायित्वों का तो पता चलना जरूरी है।