उत्तराखंड के लोकसभा प्रत्याशियों को लेकर पेंच किस कदर फंसा है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि यहां के टिकटों के मसले पर कुल 12 बैठकें हो चुकी हैं।
उत्तराखंड की पांच लोकसभा सीटों को लेकर फंसे पेंच पर बुधवार देर रात दस जनपथ (सोनिया गांधी का आवास) पर फिर पंचायत लगी।
हाईकमान के साथ बैठक में मुख्यमंत्री हरीश रावत और प्रदेश अध्यक्ष यशपाल आर्य शामिल हुए। उसके बाद दोनों नेता हरीश रावत के तीन मूर्ति लेन स्थित आवास पर देर तक मंत्रणा करते रहे।
बहुगुणा अब भी चुनाव नहीं लड़ने पर अड़े
बताया जा रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा अब भी चुनाव लड़ने को तैयार नहीं हैं। उनके करीबियों का कहना है कि बहुगुणा को पत्नी के इलाज के लिए विदेश जाना है। इसलिए वह चुनाव लड़ने से इनकार कर रहे हैं।
बहुगुणा खेमा इस बात पर भी नाराज है कि जब उत्तराखंड में सभी मंत्री, सभी वरिष्ठ अधिकारी वैसे ही काम कर रहे हैं तो सिर्फ उन्हीं को क्यों हटाया गया।
सूत्र बताते हैं कि पौड़ी सीट पर गंभीर सिंह नेगी की उम्मीदवारी को लेकर भी पूछताछ हुई है। दरअसल नेगी का नाम सामने आने के बाद पार्टी के निचले स्तर पर विरोध शुरू हो गया है।
रेणुका के नाम पर नहीं बनी एक राय
हरिद्वार में भी हरीश रावत की पत्नी रेणुका रावत को लड़ाए जाने पर भी एक राय बनती नहीं दिख रही है। सूत्रों का कहना है कि हरीश रावत से कहा गया है कि परिवार के सदस्य के लड़ने से पूरा फोकस एक ही सीट पर रहेगा, जबकि इस समय पांचों सीट महत्वपूर्ण हैं। बावजूद अभी भी रेणुका रावत मजबूती से उम्मीदवारी की रेस में सबसे आगे हैं।
प्रत्याशी लेकर ही लौटूंगा
दिल्ली जाने से पहले सीएम हरीश रावत ने जोशीमठ में एक चुनावी सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि वो दिल्ली से प्रत्याशी लेकर ही वापस लौटेंगे।