शोधपत्र भी ऑनलाइन उपलब्ध रहेंगे
उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा का डिजिटलीकरण करते हुए राजकीय मेडिकल कॉलेजों व नर्सिंग कॉलेजों को ई-ग्रंथालय पोर्टल से जोड़ा जाएगा, जिससे मेडिकल के छात्र-छात्राओं को किताबों की कमी से न जूझना पड़े। ई-ग्रंथालय पोर्टल पर छात्र-छात्राओं को पाठ्यक्रम संबंधी पुस्तक के अलावा शोधपत्र भी ऑनलाइन उपलब्ध रहेंगे।
कहा, साथ ही छात्रों को देश-विदेश के मेडिकल कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के पुस्तकालयों से भी जुड़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने प्रदेश में चार नए नर्सिंग कॉलेजों खोलने के लिए भूमि चयन करने और मेडिकल कॉलेजों में चल रहे निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
एक कलर कोड लागू
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राजकीय चिकित्सालयों में एक कलर कोड लागू किया जाएगा, जिससे सभी चिकित्सा इकाइयों में एकरूपता देखने को मिल सके। अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में रोगी पंजीकरण शुल्क की दर एक समान की जाएगी। इसके लिए शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाएगा।
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बैठक में नर्सिंग स्टॉफ की वर्षवार भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने, एनएचएम के तहत जिलों में खाली पदों को शीघ्र भरने, राजकीय मेडिकल कॉलेजों से स्वास्थ्य विभाग को वापस किए गए कार्मिकों के शीघ्र समायोजन, क्रिटिकल यूनिट के लिए भूमि चयन और निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।
इस मौके पर सचिव स्वास्थ्य आर राजेश कुमार, अपर सचिव अरुणेंद्र सिंह चौहान, अमनदीप कौर, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आशुतोष सयाना, प्रभारी महानिदेशक डा. भारती राणा, निदेशक एनएचएम डाॅ. सरोज नैथानी और निदेशक स्वास्थ्य डाॅ. सुनीता टम्टा आदि मौजूद थे।