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Uttarakhand: मेडिकल छात्रों को डीजी लॉकर से मिलेंगी डिग्रियां, एक रंग में दिखेंगे प्रदेश के सभी सरकारी अस्पताल

Sat, 17 Jun 2023 04:44 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राजकीय चिकित्सालयों में एक कलर कोड लागू किया जाएगा, जिससे सभी चिकित्सा इकाइयों में एकरूपता देखने को मिल सके। अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में रोगी पंजीकरण शुल्क की दर एक समान की जाएगी। इसके अलावा एमबीबीएस छात्र-छात्राओं को डीजी लॉकर के माध्यम से डिग्रियां व अन्य शैक्षिक प्रमाण पत्र मिलेंगे। 
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(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहाए उच्च शिक्षा की तर्ज पर अब प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस छात्र-छात्राओं को डीजी लॉकर के माध्यम से डिग्रियां व अन्य शैक्षिक प्रमाण पत्र मिलेंगे। उन्होंने इस संबंध में उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय को शीघ्र डीजी लॉकर के लिए सिस्टम तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

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इसके अलावा प्रदेश के सभी अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्र एक रंग में नजर आएंगे। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को कलर कोड तय करने को कहा है। साथ ही विशेषज्ञ डॉक्टरों का अलग कैडर बनाने का प्रस्ताव शीघ्र कैबिनेट में लाया जाएगा।

यमुना कॉलोनी स्थित शासकीय आवास में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रावत ने विभागीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने कहा कि मेडिकल छात्र-छात्राओं के शैक्षिक प्रमाणपत्र डीजी लॉकर पर उपलब्ध होंगे, जिससे कभी भी मेडिकल छात्र अपनी डिग्री और अन्य शैक्षिक प्रमाणपत्र डाउनलोड कर सकें।

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शोधपत्र भी ऑनलाइन उपलब्ध रहेंगे
उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा का डिजिटलीकरण करते हुए राजकीय मेडिकल कॉलेजों व नर्सिंग कॉलेजों को ई-ग्रंथालय पोर्टल से जोड़ा जाएगा, जिससे मेडिकल के छात्र-छात्राओं को किताबों की कमी से न जूझना पड़े। ई-ग्रंथालय पोर्टल पर छात्र-छात्राओं को पाठ्यक्रम संबंधी पुस्तक के अलावा शोधपत्र भी ऑनलाइन उपलब्ध रहेंगे।

कहा, साथ ही छात्रों को देश-विदेश के मेडिकल कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के पुस्तकालयों से भी जुड़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने प्रदेश में चार नए नर्सिंग कॉलेजों खोलने के लिए भूमि चयन करने और मेडिकल कॉलेजों में चल रहे निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

एक कलर कोड लागू 
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राजकीय चिकित्सालयों में एक कलर कोड लागू किया जाएगा, जिससे सभी चिकित्सा इकाइयों में एकरूपता देखने को मिल सके। अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में रोगी पंजीकरण शुल्क की दर एक समान की जाएगी। इसके लिए शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाएगा।

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बैठक में नर्सिंग स्टॉफ की वर्षवार भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने, एनएचएम के तहत जिलों में खाली पदों को शीघ्र भरने, राजकीय मेडिकल कॉलेजों से स्वास्थ्य विभाग को वापस किए गए कार्मिकों के शीघ्र समायोजन, क्रिटिकल यूनिट के लिए भूमि चयन और निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।

इस मौके पर सचिव स्वास्थ्य आर राजेश कुमार, अपर सचिव अरुणेंद्र सिंह चौहान, अमनदीप कौर, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आशुतोष सयाना, प्रभारी महानिदेशक डा. भारती राणा, निदेशक एनएचएम डाॅ. सरोज नैथानी और निदेशक स्वास्थ्य डाॅ. सुनीता टम्टा आदि मौजूद थे।

 

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