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बड़ी खबरः उत्तराखंड में नीट से ही होंगे मेडिकल दाखिले

Fri, 27 May 2016 07:47 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : concept photo
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उत्तराखंड सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन करते हुए केंद्र सरकार के अध्यादेश के तहत वैकल्पिक तौर पर नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट(नीट) से ही दाखिले की घोषणा की है।
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राज्य में स्टेट कोटे की एमबीबीएस और बीडीएस सीटों पर दाखिले के लिए इस साल उत्तराखंड प्री मेडिकल प्री डेंटल टेस्ट(यूपीएमटी) का आयोजन नहीं किया जाएगा। प्रमुख सचिव ओमप्रकाश ने शुक्रवार को इसकी घोषणा कर दी। अमर उजाला ने 21 मई को ही सरकार के इस फैसले की खबर प्रकाशित की थी।

शुक्रवार को सचिवालय सभागार में प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा ओमप्रकाश ने प्रेस वार्ता में बताया कि 24 मई को केंद्र की ओर से जारी हुए अध्यादेश के मुताबिक उन्हें यूपीएमटी या नीट से दाखिले का विकल्प मिला था। इस क्रम में सरकार ने फैसला लिया है कि यूपीएमटी का आयोजन नहीं किया जाएगा।
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सरकार ने लगाई सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर मुहर

- फोटो : पीटीआई
राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली नीट 1 व नीट 2 के स्कोर के आधार पर ही राज्य कोटे की एमबीबीएस और बीडीएस सीटों पर दाखिले दिए जाएंगे। अमर उजाला ने 21 मई के अंक में ‘अध्यादेश तो आया लेकिन प्रदेश में नीट से ही दाखिले’ शीर्षक से इस साल से ही यूपीएमटी आयोजित न कराए जाने की खबर प्रकाशित की थी।

शुक्रवार को सरकार ने भी इस पर मुहर लगा दी। प्रमुख सचिव ओमप्रकाश ने बताया कि सामान्य अभ्यर्थियों की प्रति छात्र 2000 रुपये और आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों की प्रति छात्र 1400 रुपये शुल्क एक सप्ताह के भीतर ऑनलाइन लौटा दी जाएगी।

आपको बता दें कि यूपीएमटी की ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में 12250 छात्रों ने आवेदन किया था। इनकी प्रवेश परीक्षा 15 मई को आयोजित होनी थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत रद्द कर दी गई थी। प्रेस वार्ता में चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना, एचएनबी मेडिकल विवि के कुलसचिव प्रो. विजय जुयाल भी मौजूद रहे।

बांड तोड़ने वालों को नोटिस
प्रदेश में सस्ती चिकित्सा शिक्षा के तहत बांड भरकर एमबीबीएस करने वाले जिन छात्रों ने बांड की शर्तों का उल्लंघन किया है, उन्हें सरकार की ओर से नोटिस जारी किए जा रहे हैं। प्रमुख सचिव ने बताया कि बांड तोड़ने वालों से पैसे की वसूली की जाएगी।
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