उत्तराखंड सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन करते हुए केंद्र सरकार के अध्यादेश के तहत वैकल्पिक तौर पर नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट(नीट) से ही दाखिले की घोषणा की है।
राज्य में स्टेट कोटे की एमबीबीएस और बीडीएस सीटों पर दाखिले के लिए इस साल उत्तराखंड प्री मेडिकल प्री डेंटल टेस्ट(यूपीएमटी) का आयोजन नहीं किया जाएगा। प्रमुख सचिव ओमप्रकाश ने शुक्रवार को इसकी घोषणा कर दी। अमर उजाला ने 21 मई को ही सरकार के इस फैसले की खबर प्रकाशित की थी।
शुक्रवार को सचिवालय सभागार में प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा ओमप्रकाश ने प्रेस वार्ता में बताया कि 24 मई को केंद्र की ओर से जारी हुए अध्यादेश के मुताबिक उन्हें यूपीएमटी या नीट से दाखिले का विकल्प मिला था। इस क्रम में सरकार ने फैसला लिया है कि यूपीएमटी का आयोजन नहीं किया जाएगा।