भाजपा की एक महिला कार्यकर्ता ने दो नवंबर को प्रदेश महामंत्री (संगठन) संजय कुमार पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाकर प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया था। कार्यकर्ता ने संजय कुमार पर अश्लील मेसेज भेजने और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए थे।
यौन उत्पीड़न का यह मामला
अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। उसके बाद भाजपा ने संजय कुमार को संगठन मंत्री पद से हटा दिया था। 11 नवंबर 2018 को पीड़ित की तरफ से तहरीर आने के बाद एसपी देहात सरिता डोभाल को जांच सौंपी गई थी। जनवरी में जांच के बाद पीड़ित की तरफ से शहर कोतवाली में यौन उत्पीड़न और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
इसी बीच संजय कुमार ने हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे लिया था। विवेचना के दौरान पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में संजय कुमार पर दुष्कर्म का आरोप भी लगाया था। पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के सामने 164 के तहत दर्ज कराए, बयान में पुलिस को दिए बयानों की पुष्टि की थी। इसी आधार पर पुलिस ने मुकदमे में धारा 376 (दुष्कर्म) को बढ़ा दिया था।