उन्होंने तीन दिन के अंदर नोटिस का जवाब मांगा था। उसी दौरान ये भी स्पष्ट किया गया था कि यदि नोटिस का जवाब नहीं दिया जाता है, तो क्यों न कोषाध्यक्ष के पद से हटा दिया जाए। इसके बाद आठ नवंबर को युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष सागर गोयल ने नोटिस का हवाला देते हुए कहा कि तीन दिन की समय सीमा में कोई जबाव नहीं मिला है। अत: जिलाध्यक्ष जय सिंह चौहान की संस्तुति से शैलेंद्र पंवार को पद से हटाया जाता है। वहीं अब शैलेंद्र पंवार मात्र पार्टी के कार्यकर्ता रह गए हैं।
अपनी पार्टी से जुड़े नेता के खिलाफ टिप्पणी की जा रही थी, उसी के चलते इसे अनुशासनहीनता माना गया। इसके चलते शैलेंद्र पंवार को पद से हटा दिया है।
- सागर गोयल, भाजपा, जिलाध्यक्ष युवा मोर्चा
मेरे द्वारा कोई टिप्पणी सोशल मीडिया पर नहीं की गई। मैैंने केवल भाजयुमो के एक ग्रुप पर मीडिया में आई खबर को पोस्ट कर दिया था। इसे अनुशासनहीनता नहीं माना जाता सकता। यह महज तथ्यात्मक पोस्ट थी, पार्टी में लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिहाज से उन्हें पद से हटाया जाना गलत है।
- शैलेंद्र पंवार, पूर्व कोषाध्यक्ष भाजयुमो हरिद्वार