2026 से 2032 तक ये है बिजली की मांग का गणित
वर्ष- सीईए- मैकेंजी- मान्य अनुमानित
2026- 3072- 3124- 3035
2027- 3249- 3402- 3217
2028- 3435- 3664- 3410
2029- 3623- 3922- 3614
2030- 3847- 4105- 3831
2031- 4094- 4255- 4004
2032- 4159- 4403- 4184
(बिजली की मांग मेगावाट में)
अभी 3308 मेगावाट के पीपीए
यूपीसीएल के आंकड़ों के हिसाब से देखें तो अभी तक 3308 मेगावाट के पीपीए किए हुए हैं। इनमें कोयला संयंत्र से 533 मेगावाट, एटॉमिक 46 मेगावाट, गैस आधाारित 390 मेगावाट, बायोमास से 52 मेगावाट, हाइड्रो से 1970 मेगावाट, हाइब्रिड 100 मेगावाट और सोलर से 217 मेगावाट शामिल है। वहीं, टीएचडीसी के पंप स्टोरेज प्लांट से 200 मेगावाट बिजली मिलेगी। वर्ष 2029-30 तक बिजली की उपलब्धता 4218 मेगावाट करने की योजना है। इसके लिए कोयला आधारित संयंत्र से 26 मेगावाट, हाइड्रो से 438 मेगावाट, सोलर से 309 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की उपलब्धता की जाएगी।