हिंदी प्रकोष्ठ के गठन से आएंगी नई किताबें
समिति के मेंबर सेक्रेटरी डॉ. दौलत सिंह ने बताया यह निर्णय लिया गया है कि मेडिकल छात्र एक साल तक मध्य प्रदेश के मेडिकल कॉलेज में चल रही हिंदी मीडियम की किताबें ही पढ़ेंगे। इसके बाद हिंदी प्रकोष्ठ का गठन किया जाएगा। इसमें दूसरे प्रकाशक और विषय विशेषज्ञ शामिल होंगे। इसके माध्यम से छात्रों को अगले साल से नए प्रकाशकों की किताबें भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
प्रश्न पत्र अंग्रेजी के साथ हिंदी में भी होंगे
छात्रों को यह अनुमति भी रहेगी कि वह अंग्रेजी के साथ हिंदी में भी प्रश्न का उत्तर दे सकते हैं। हिंदी में पढ़ाने के लिए शिक्षकों को भी अलग से प्रशिक्षण दिया जाएगा। हिंदी व अंग्रेजी माध्यम के छात्र साथ बैठकर ही क्लास करेंगे। बता दें कि एमबीबीएस में 60 फीसदी छात्र इंग्लिश मीडियम और 40 फीसदी छात्र हिंदी मीडियम के होते हैं। ऐसे में छात्रों को पढ़ाई में दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
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मध्य प्रदेश में जो किताबें पढ़ाई जा रही हैं यह किताबें एमबीबीएस छात्रों को बाजार से उपलब्ध करवाई जा रही हैं। -डॉ. आशुतोष सयाना, चिकित्सा शिक्षा निदेशक, उत्तराखंड