दिलीप पंखे के सहारे लटका हुआ था। उनकी सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीछे उतारा। दिलीप की जीभ बाहर निकली हुई थी। प्रथमदृष्टया मामला आत्महत्या का ही है। कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
चौकी प्रभारी गिरीश नेगी ने बताया कि उसके फोन में 75 मिस्ड कॉल थी। कमरे से एक दवाओं का परचा भी मिला है। यह पर्चा श्रीमहंत इंद्रेश अस्पताल का है जिसमे चिकित्सकों से पूछा गया तो पता चला कि ये दवाएं डिप्रेशन की है। इससे मालूम हुआ कि दिलीप डिप्रेशन में था। बताया जा रहा है वह 2017 से ये दवाएं ले रहा था। परिजनों को सूचना दे दी गयी है।