फॉगिंग के सही आंकड़े पेश न करने पर महापौर विनोद चमोली ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने अधिकारियों को घर नहीं, बल्कि वार्डों के अनुसार ब्योरा देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अफसरों को कार्रवाई की भी चेतावनी थी।
डेंगू के लगातार बढ़ रहे मामलों पर रोक लगाने के लिए शहर में फॉगिंग और जन जागरूकता अभियान के लिए नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की 200 से अधिक टीमें काम कर रही हैं। सोमवार को समीक्षा बैठक में टीमों ने 55 हजार घरों में अभियान चलाने के आंकड़े पेश किए।
इस पर महापौर ने सख्ती दिखाते हुए वार्ड के अनुसार आंकड़े पेश करने को कहा। उन्होंने कहा कि इससे पता चलेगा कि किस वार्ड में काम हुआ है और कहां नहीं हुआ। उन्होंने प्रत्येक वार्ड के पार्षद के सत्यापन पर ही रिपोर्ट मान्य होने की बात कही। साथ ही, उन्होंने स्प्रे की रिपोर्ट भी तलब की। बैठक में नगर आयुक्त नितिन भदौरिया, वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी आरके सिंह, रवि पांडेय, जगदीश बहुगुणा, पशु चिकित्सा अधिकारी विवेकानंद सती, धर्मेश पैन्यूली, रचना पायल आदि मौजूद रहे।
एक सप्ताह से नहीं उठा अस्पताल का कूड़ा
दून अस्पताल से एक सप्ताह से कूड़ा न उठने पर एमएस डा. केके टम्टा ने महापौर विनोद चमोली से शिकायत की। उन्होंने बताया कि गंदगी के कारण मरीजों और तीमारदारों को परेशानी हो रही है। इस पर महापौर ने क्षेत्र के सुपरवाइजर को तलब कर कारण जाना। जिस पर गाड़ी ठीक न होने की बात सामने आई। बाद में महापौर ने प्राइवेट गाड़ी की व्यवस्था कर कूड़ा उठवाया।