रविवार की आधी रात चतुर्दशी तिथि समाप्त होते ही मौनी अमावस्या का मुहूर्त लग गया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने गंगा के तटों पर डुबकी लगाना शुरू कर दिया।
श्रवण नक्षत्र में लाखों श्रद्धालु सोमवार को सोमवती का स्नान करेंगे। स्नान के बाद महिलाएं पीपल के वृक्षों की 108 परिक्रमा कर उद्यापन करेंगी। रविवार की अर्द्ध रात्रि में मौनी अमावस्या का मुहूर्त प्रारंभ हुआ। यह पुण्य स्नान सोमवार की शाम आरती काल तक चलता रहेगा।
सूर्योदय काल में चंद्रमा कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। यह प्रवेश सोमवती का मुहूर्त बनाएगा। सोमवार के पूरे दिन देश से विभिन्न भागों से आए श्रद्घालु गंगा स्नान करते रहेंगे। हजारों महिलाएं सूत के धागे लपेटते हुए पीपल के वृक्षों की परिक्रमा कर गंगा तट पर सुख शैया का दान करेंगी।
श्रद्धालु मौन रहकर भगवान विष्णु की आराधना करेंगे। अमावस्या के दिन ही पंचक प्रारंभ हो रहे हैं। श्रद्घालु कुशावर्त और नारायणी शिला जाकर पितृ कर्म भी संपन्न कराएंगे।