मौलाना ने कहा कि वालिदेन (माता-पिता) की इज्जत करो। बुढ़ापे में उनकी हर जरूरत की जिम्मेदारी हमारे ऊपर है। उनसे ऊंची आवाज में बात मत करो। सभी अपनी जिम्मेदारी को समझेंगे तो वृद्धाश्रम की जरूरत नहीं होगी। सोचना चाहिए कि कल हमें भी बूढ़ा होना है, आज नहीं सुधरे तो कल हमें भी यही दिन देखने पड़ सकते हैं।
कन्या भ्रूण हत्या समाज पर कलंक
मौलाना मोमिन ने कन्या भ्रूण हत्या को कलंक बताते हुए कहा कि इस काम को जानवर भी नहीं करता। इसलिए बेटे और बेटियों को पढ़ाओ, उन्हें काबिल बनाओ।
इंसान बिगड़ता है तो तबाही आती है
मौलाना ने कहा कि आज देश और दुनिया 1400 साल पहले की तबाही की ओर जा रही है। गलत कामों को कानूनी मान्यता दी जा रही है। जिसे माडर्न नाम दिया जा रहा है, वह हैवानियत की ओर ले जाने वाला है। वाहन या मशीन बिगड़ती है तो थोड़ा नुकसान होता है, जब इंसान बिगड़ता है तो तबाही आती है।