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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पर हत्या के प्रयास में FIR, जानिए पूरा मामला

Wed, 31 May 2017 05:23 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
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गंगा में खनन के खिलाफ अनशन (तप) कर रहे मातृसदन के स्वामी शिवानंद को आश्रम से उठाने के प्रयास के मामले में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, डीएम दीपक रावत और एसडीएम मनीष कुमार के खिलाफ कोर्ट में वाद दायर किया गया है।
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मातृसदन के ब्रह्मचारी दयानंद ने सीजेएम कोर्ट में वाद दायर कर सीएम, डीएम और एसडीएम पर पवित्र स्थल की मर्यादा भंग करने और साजिश के तहत स्वामी शिवानंद सहित मातृसदन के संतों की हत्या के प्रयास का आरोप लगाया है। कोर्ट ने सुनवाई के लिए चार जून की तारीख तय की है।    
 
बीते 13 मई को गंगा में खनन खोलने के बाद से मातृसदन का आंदोलन चल रहा है। ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद की 11 दिन तक अनशन पर रहे। इसके बाद से मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद ने पहले अनशन किया और फिर जल भी त्याग दिया।
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पिछले पांच दिनों से स्वामी शिवानंद ने जल ग्रहण नहीं किया है। दो दिन तक मौन धारण करने के बाद 28 मई को प्रशासन उनके आश्रम में फोर्स फीडिंग कराने पहुंचा था। कटर से तारबाड़ व ताले काटकर आश्रम में दाखिल होने की घटना पर मातृसदन ने कड़ी आपत्ति जताई है।
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तप पर अड‌िग हैं स्वामी श‌िवांनद

swami shivanand
ब्रह्मचारी दयानंद ने मातृसदन के अधिवक्ता अरुण भदौरिया के माध्यम से सीजेएम कोर्ट में वाद दाखिल करते हुए आरोप लगाया कि पूरा षड्यंत्र मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के इशारे पर रचा गया।      

जिलाधिकारी दीपक रावत के निर्देश पर एसडीएम मनीष कुमार भारी पुलिस बल को लेकर जबरन आश्रम में घुसे और पवित्र स्थल की मर्यादा भंग करते हुए स्वामी शिवानंद, ब्रह्मचारी पूर्णानंद और ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद का धुएं से दम घोटकर हत्या का प्रयास किया गया। न्यायालय ने मामले की सुनवाई के लिए चार जून की तिथि निर्धारित की है।

वहीं मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद का अनशन मंगलवार को भी जारी रहा। जल छोड़े हुए स्वामी शिवानंद को पांच दिन हो गए हैं। तेज गर्म मौसम में पानी न पीने के कारण उनके शरीर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।  
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