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बड़ा फैसला: दैनिक, संविदा और अस्थायी कार्यरत महिलाओं को भी मातृत्व अवकाश

Thu, 15 Dec 2016 09:57 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नैनीताल
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नैनीताल हाईकोर्ट - फोटो : PTI
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नैनीताल हाईकोर्ट ने अस्थायी, दैनिक वेतन भोगी अथवा संविदा पर कार्यरत महिलाओं को भी सवैतनिक मातृत्व अवकाश तथा पुरुषों को पितृत्व अवकाश देने का आदेश जारी किया है।
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50 से अधिक महिला कर्मियों वाले उपक्रमों में बच्चों की देखभाल के लिए क्रेच (शिशु सदन) की स्थापना करने तथा माताओं को दिन में चार बार बच्चों की देखभाल के लिए छूट देने, महिला कर्मियों को पूरे सेवाकाल में 730 दिन की चाइल्ड केयर लीव प्रदान करने तथा पुरुषों के लिए 15 दिन का पितृत्व अवकाश देने तथा एक वर्ष से कम उम्र का बच्चा गोद लेने की स्थिति में भी महिलाओं को 135 दिन का अवकाश देने के निर्देश दिए। कोर्ट ने मुख्य सचिव को आदेश का पालन सुनिश्चित कराने का आदेश दिया है।

बृहस्पतिवार को वरिष्ठ न्यायमूर्ति राजीव शर्मा एवं न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई हुई। डा. दीपा शर्मा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि 2010-11 के सत्र के लिए समाज शास्त्र विषय में संविदा पर प्रवक्ता के रूप में उसकी नियुक्ति हुई थी।
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याचिका पर हाईकोर्ट ने दिया छह माह का सवैतनिक अवकाश

कोर्ट
उसके कार्यकाल को प्रत्येक वर्ष बढ़ाया जाता रहा। उसने सात जनवरी 2015 से सात जून 2015 तक के लिए मातृत्व अवकाश के लिए आवेदन किया। उसको मातृत्व अवकाश और इस अवधि का वेतन नहीं दिया जा रहा है। सरकार की ओर से कहा गया था कि संविदा पद पर कार्यरत होने के कारण याची को यह लाभ नहीं दिया जा सकता।

इसी तरह एक अन्य याचिका में सीएचसी गंगोलीहाट पिथौरागढ़ में संविदा पर नियुक्त डॉ. शांति मेहरा ने याचिका दायर कर कहा था कि संविदा में होने के आधार पर उन्हें मातृत्व अवकाश और वेतन देने से मना कर दिया गया।

हाईकोर्ट की खंडपीठ ने दोनों मामलों की सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ताओं को छह माह के सवैतनिक मातृत्व अवकाश देने का आदेश जारी किया।
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मजदूरी करने वाली महिलाओं को 60 दिन का मातृत्व अवकाश

court
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अस्थायी, संविदा या तदर्थ रूप से कार्यरत महिलाओं को भी मातृत्व अवकाश दिया जाए। 240 दिन से अधिक दिन दैनिक मजदूरी करने वाली महिलाओं वेतन सहित 60 दिन का मातृत्व अवकाश दिया जाए।

50 से अधिक महिला कर्मियों वाले उपक्रमों में बच्चों की देखभाल के लिए क्रेच की स्थापना करने तथा माताओं को दिन में चार बार बच्चों की देखभाल के लिए छूट देने के निर्देश दिए।

कोर्ट ने महिला कर्मियों को पूरे सेवाकाल में 730 दिन की चाइल्ड केयर लीव प्रदान करने तथा पुरुषों के लिए 15 दिन का पितृत्व अवकाश देने के निर्देश दिए। कोर्ट ने कहा कि एक वर्ष से कम उम्र का बच्चा गोद लेने की स्थिति में भी महिलाओं को 135 दिन का अवकाश दिया जाए।
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