आरोपी रावण और प्रदीप फरार चल रहे थे। पुलिस ने इस संबंध में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। इधर, फरार आरोपियों पर इनाम घोषित कर दिया था। बहादराबाद पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी रावण निवासी गांव लखनपुर धामपुर बिजनौर में रह रहा है।
सूचना पर कार्रवाई करते हुए एसओ राजीव उनियाल ने उसे छापा मारकर दबोच लिया। आरोपी को यहां कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। एसओ राजीव उनियाल ने बताया कि दूसरे आरोपी प्रदीप के बारे में उसे कुछ पता नहीं है। न ही वह उसके बाद उससे कभी मिला था।
पुलिस को दी थी गलत जानकारी
हरिद्वार कोतवाली पुलिस जब कुर्की की कार्रवाई करने के लिए उसके गांव पहुंची थी तब पता चला था कि रावण यहां का मूल निवासी नहीं है। वह रामस्वरूप नाम के एक व्यक्ति के यहां नौकरी करता था और उसी का नाम अपने पिता के नाम के तौर पर उसने इस्तेमाल किया था।