जम्मू-कश्मीर में आतंकियों हुई मुठभेड़ में शहीद हुए मेजर कमलेश कमलेश पांडे के पिता सेवानिवृत्त सूबेदार मोहन चंद पांडे बेटे को खोने के दुख में खुद को बोलेने से रोक नहीं पाए। उन्होंने रुंधे गले से कहा कि पाकिस्तान से युद्ध के बगैर भारत में शांति नहीं आ सकती है।
उन्होंने केंद्र सरकार से सवाल किया कि कब तक भारत के बेटे यूं ही शहीद होते रहेंगे। आतंकी तो मरने के लिए तैयार होते हैं लेकिन निर्दोष सैनिक की जान की बलि क्यों चढ़ाई जा रही है।
मूल रूप से अल्मोड़ा जिले के दिगौली बाड़ी छीना रहने वाले मोहन चंद पांडे ने तीन साल पहले कांतिपुरम हिम्मतपुर तल्ला में मकान बनवाया था। उन्होंने कहा कि बेटे की शहादत पर गर्व है।