उसने बीमार हो जाने की बात कहकर नहाने पर टोका तो पत्नी नाराज हो गई। वह अपने कमरे में चली गई और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। इसके बाद कुंडे में चुनरी से फंदा लगाकर झूल गई। उसने काफी कोशिश की पर दरवाजा नहीं खुला। शोर मचाकर पड़ोसियों को बुलाया। उनकी मदद से दरवाजा तोड़ा तो आकृति की मौत हो चुकी थी।
वह घबरा गया और पुलिस को बिना सूचना दिए शव रात में ही अपने गांव लहसोई ले आया। इधर, थाने में मौजूद आकृति के भाई बिथरी चैनपुर थाने के गांव छोटी बिहार निवासी अमित मौर्य ने वेदप्रकाश, उसके पिता कंचन लाल और मां लीला के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट करा दी। अमित का कहना था कि आकृति की शादी उन्होंने इसी साल 18 फरवरी को वेदप्रकाश से की थी। काफी दहेज दिया था।
बावजूद ससुराली और दहेज मांगते थे। बताया कि मंगलवार शाम को ससुर कंचन लाल ने कॉल की कि तुम्हारी बहन ने फांसी लगा ली। अमित ने बताया कि उसे पूरा भरोसा है कि दहेज की खातिर इन लोगों ने उसकी बहन की हत्या की है। एसओ शीशगढ़ ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज करके पति व ससुर को हिरासत में ले लिया है। आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद की जाएगी।