अमर उजाला की पहल ने राजधानी देहरादून में विवाह पंजीकरण का रिकॉर्ड कायम कर दिया।
रविवार को भी लगेगा कैंप
एक ही दिन में सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में 61 दंपतियों ने विवाह बंधन में कानूनी गांठ लगवाई। इनमें कुछ ऐसे भी थे, जिनकी शादी को 25 से 38 साल का वक्त हो चुका है। यह कैंप रविवार को भी आयोजित किया जाएगा।
शनिवार को गढ़वाल कमिश्नर डीएस गर्ब्याल ने सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में मैरिज रजिस्ट्रेशन फॉर्म भर अमर उजाला के कैंप की शुरुआत की। मुख्य अतिथि डीएम बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने दो दिवसीय कैंप का उद्घाटन किया।
दोनों अधिकारियों ने लोगों को विवाह पंजीकरण के लिए जागरूक करने की अमर उजाला की मुहिम की सराहना की। उधर, रजिस्ट्रेशन के लिए सुबह साढ़े नौ बजे से ही लोग कैंप में पहुंचने लगे थे। शाम साढ़े पांच बजे तक रजिस्ट्रेशन किए गए।
सामान्यत: एक दिन में सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में 10 से 15 शादी के रजिस्ट्रेशन होते हैं, लेकिन शनिवार को अमर उजाला के कैंप में 61 लोगों ने विवाह का पंजीकरण करवाया।
अनिल दंपति का पहला पंजीकरण
अमर उजाला के शिविर में सबसे पहला पंजीकरण दून के पार्क रोड निवासी अनिल बहरई और उनकी पत्नी पूनम ने कराया। डीएम बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने उन्हें मैरिज रजिस्ट्रेशन का प्रमाण पत्र दिया।
अनिल ने बताया कि अमर उजाला की पहल से जुड़कर विवाह के 25 साल बाद उन्होंने अपने शादी के बंधन में कानूनी मोहर लगवाई है।
पिता-पुत्र ने साथ कराया पंजीकरण
अमर उजाला के विवाह पंजीकरण शिविर में गणेश वाटिका सीमाद्वार निवासी सीएल गिरधर पूरे परिवार के साथ आए थे। उन्होंने और उनकी पत्नी सुदेश गिरधर ने विवाह के 38 साल बाद पंजीकरण कराया।
उनके बड़े बेटे पंकज गिरधर और दीपिका ने दस साल, जबकि छोटे बेटे पुनीत और विम्मी गिरधर ने सात साल बाद शादी का रजिस्ट्रेशन कराया। इस दौरान सीएल गिरधर के पोते पोतियां भी उनके साथ आए थे।
गिरधर ने अमर उजाला की पहल की खूब सराहना की। इसी तरह पटेलनगर निवासी एमपी चड्ढा ने पत्नी अनिला से शादी के 27 साल बाद पंजीकरण करवाया। उनके पुत्र तरुण चड्ढा और आकांक्षा ने भी रजिस्ट्रेशन कराया।
पूरे परिवार ने अमर उजाला की पहल की सराहना के साथ ही एक ही जगह सभी सुविधाएं मिलने पर आभार जताया।
रजिस्ट्रेशन के लिए जम्मू से पहुंचे दून
जम्मू में तैनात एसएसबी जवान त्यूनी निवासी रामचंद्र बिजल्वाण मैरिज रजिस्ट्रेशन के लिए जम्मू से सीधे दून पहुंचे। सुबह दस बजे पत्नी कृष्णा संग कैंप में आए बिजल्वाण ने बताया कि पत्नी ने फोन पर उन्हें अमर उजाला कैंप की जानकारी दी थी।
इस पर वह छुट्टी लेकर सुबह साढ़े पांच बजे दून पहुंच गए। कहा कि अमर उजाला की इस पहल से बड़ी संख्या में लोग लाभान्वित होंगे।
नौ साल बाद करवाया रजिस्ट्रेशन
तिलक रोड निवासी डॉ. अनुपम जैन और उनकी पत्नी पायल ने कैंप में शादी के नौ साल बाद रजिस्ट्रेशन करवाया। वहीं बड़कोट उत्तरकाशी निवासी शैलेंद्र और उनकी पत्नी स्वप्निल ने भी पंजीकरण कराया। शैलेंद्र ने बताया कि उनकी शादी छह माह पूर्व हुई है।
इनका रहा सराहनीय सहयोग
गढ़वाल कमिश्नर डीएस गर्ब्याल, जिलाधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम, अपर जिलाधिकारी प्रशासन हरक सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी वित्त प्रताप शाह, पार्षद भूपेंद्र कठैत, पार्षद संजीव कुमार मल्होत्रा, पार्षद निखिल, वरिष्ठ अधिवक्ता
केके गोयल, वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश सूरी समेत विभिन्न अधिकारियों, कानूनी विशेषज्ञों और जनप्रतिनिधियों ने अमर उजाला पहल को कामयाब बनाने में मदद की।