बूंदाबांदी होने के कारण उसने शॉल गले में डाल रखा था। जनरेटर का पहिया घूमाने के दौरान शॉल पंखे में फंस गया। जनरेटर स्टार्ट होने से असलम की गर्दन धड़ से अलग हो गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
करीब एक घंटे तक किसी को इस बात की भनक नहीं लगी। लाइट आने पर मैरिज हॉल का कर्मचारी जनरेटर बंद करने पहुंचा तो वहां असलम का शव पड़ा देखा। उसने इसकी सूचना अपने साथी कर्मचारियों को दी।
इस हादसे की खबर मिलते ही मैरिज हॉल में लोगों की भीड़ जमा हो गई। मृतक के शव को उसके घर पहुंचाया गया। बृहस्पतिवार को परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना ही शव दफना दिया। मृतक असलम अपने परिवार में पत्नी खुशनुदा, पुत्र फईम, दो पुत्रियों नाजिया और सोमी को छोड़ गया है। फईम की मोबाइल की दुकान है।