फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड के कॉलेजों में मिले माओवादी पर्चे

Sun, 28 Feb 2016 12:43 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, द्वाराहाट/गरुड़
विज्ञापन
विज्ञापन
सीएम के रविवार को सोमेश्वर आगमन से पहले उत्तराखंड के द्वाराहाट और गरुड़ में भी माओवादी जनयुद्ध से संबंधित पर्चे मिले हैं। ये पर्चे कुमाऊं इंजीनियरिंग कॉलेज के गेट परिसर, गौचर चौराहे और जीआईसी द्वाराहाट के समीप बरामद हुए हैं।
विज्ञापन


इन पर्चों में सरकार और पूंजीपतियों की जागीर नहीं, यह जल जंगल जमीन और खनिज हमारा है, पूंजीपतियों और सामंती तस्करों को पहले नानीसार से, फिर पूरे पहाड़ से मार भगाओ संबंधी अपील जनता के नाम प्रकाशित की गई है। इस बारे एलआईयू के सब इंस्पेक्टर प्रभारी द्वाराहाट केपीएस धामी ने बताया कि लगभग 20 पर्चे बरामद हुए हैं जिन्हें नष्ट कर दिया गया है। वहीं द्वाराहाट, थानाध्यक्ष अजय शाह के मुताबिक उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है।

पर्चे मिलने की सूचना तक हमें नहीं है। एलआईयू की तरफ से भी उन्हें इस विषय में कोई जानकारी दी है। उधर, नानीसार में जनयुद्ध तेज करने के मामले में गरुड़ में लाल पुल के पास स्कूली बच्चों को माओवादी पर्चे मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। क्षेत्र की जनता ने पर्चे मिलने की सूचना जब एसडीएम गरुड़ को फोन से दी तब खुफिया विभाग और स्थानीय पुलिस हरकत में आई।
विज्ञापन


जिला प्रशासन बागेश्वर के पुलिस कर्मी और खुफिया विभाग के कर्मी सीएम हरीश रावत के रविवार को सोमेश्वर आगमन की तैयारी में व्यस्त होने के कारण उन्हें पर्चे मिलने की सूचना शनिवार शाम साढ़े पांच बजे मिली। स्थानीय अभिसूचना इकाई को पर्चे मिलने की सूचना एसडीएम गरुड़ ने दी।

एसडीएम गरुड़ रवींद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि उत्तराखंड जोनल कमेटी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी माओवादी के दस-बारह पर्चे गरुड़ में मिले हैं। मालूम हो कि 16 फरवरी की रात माओवादी साहित्य से संबंधित पर्चे, पोस्टर, झंडे नानीसार में निर्माणाधीन अंतर्राष्ट्रीय विद्यालय परिसर में भी बरामद हुए थे।

आंदोलनरत श्रमिक और नेताओं की टोह ले रहीं एजेंसियां
भाकपा माओवादी के विज्ञप्ति जारी कर नानीसार घटना की जिम्मेदारी लेने के बाद से ही खुफिया एजेंसियों की बेचैनी बढ़ गई है। जिले की आईबी, एलआईयू और एसओटीएफ की टीमें विज्ञप्ति जारी करने वालों के बारे में जानकारियां जुटा रही हैं। इसके अलावा अल्मोड़ा सहित दूसरी जगहों से खुफिया एजेंसी के कर्मी भी डेरा डाले हुए हैं।

खुफिया कर्मी सिडकुल के आंदोलनकारी श्रमिकों के अलावा उनका साथ देने वाले संगठनों के नेताओं की टोह ले रहे हैं। वामपंथी रुझान रखने वालों की फेसबुक आईडी और नंबरों को भी खंगाला जा रहा है। एसएसपी केवल खुराना ने बताया कि मामले की गहनता से छानबीन की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें