उत्तराखंड में बिंता, कामा, भगतोला के बाद अब माओवादियों ने पेटशाल कस्बे में लाल रंग से वालपेंटिग की है। इसमें उत्तराखंड में पूर्ण शराब बंदी लागू करने, युवाओं को रोजगार देने, बेरोजगारी भत्ता देने, प्रदेश भर में शराब बंदी को लेकर छात्राओं महिलाओं के जुझारु संघर्ष और तोड़फोड़ को समर्थन जताया है।
इसके साथ ही माओवादी नेता खीम सिंह बोरा, देवेंद्र चम्याल का वारंट रद्द करने, हेम मिश्रा को रिहा करने संबंधी नारे भी लिखे हैं। लंबे समय बाद भी इन माओवादियों का पुलिस और प्रशासन सुराग नहीं लगा सका है।
माओवादियों ने बुधवार रात पेटशाल में ग्रीन वैली पब्लिक स्कूल, आरएफसी गोदाम की दीवार पर लाल रंग से वालपेटिंग की है। इसमें भाकपा (माओवादी) ने गांव-गांव से लोगों से माओवादी पार्टी में शामिल होने की अपील की है। लोगों ने सुबह वाल पेंटिंग देख राजस्व पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलने के बाद राजस्व उप निरीक्षक युगल पांडे आदि मौके पर पहुंचे। राजस्व कर्मियों ने दीवारों पर लिखी गई वाल पेंटिंग को पुतवा दिया है। तहसीलदार प्रयाग दत्त सनवाल ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। इधर एसडीएम विवेक राय ने तहसील क्षेत्र के अंतर्गत नायब तहसीलदारों, कानूनगो और पटवारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में रात्रि गश्त करने के आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने राजस्व कार्मिकों से संदिग्ध लोगों पर पैनी नजर रखने को कहा है।