अल्मोड़ा में विभिन्न स्थानों पर भाकपा माओवादी की ओर से जनयुद्ध छेड़ने के पोस्टर लगाने वालों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने अब ईनाम का सहारा लिया है।
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खुफिया तंत्र की विफलता के बाद बृहस्पतिवार को कुमाऊं परिक्षेत्र के डीआईजी अनंत राम चौहान ने अल्मोड़ा पहुंचकर अधीनस्थों की बैठक ली।
गुप्त रखा जाएगा नाम
उन्होंने कहा कि पोस्टर चिपकाने वालों का सुराग बताने वाले को 20 हजार रुपये ईनाम दिया जाएगा। साथ ही उसकी पहचान भी गुप्त रखी जाएगी।
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25 अप्रैल की रात अल्मोड़ा कलक्ट्रेट की दीवार, 27 अप्रैल की रात सोमेश्वर कस्बे में, 28 अप्रैल की रात बसौली और 29 अप्रैल की रात कफड़खान कस्बे में जनयुद्ध छेड़ने संबंधी पोस्टर चिपकाए गए थे।
अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज
पुलिस ने अल्मोड़ा और सोमेश्वर थाने में अज्ञात के खिलाफ धारा 153 (क), 153(ख), 124(क) (भारत की अखंडता और प्रभुता को प्रभावित करने के उद्देश्य से पोस्टर चिपकाने) और 127 लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम तीन (1) उत्तराखंड लोक संपत्ति निरूपण अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया है।
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बैठक में अल्मोड़ा पहुंचकर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार भट्ट, अन्य अधिकारियों से इस संबंध में जानकारी ली। उन्होंने पोस्टर चिपकाने वालों का जल्द पता लगाने के निर्देश दिए।