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यहां पहले भी पलते रहे हैं कई 'दानिश', इसके पीछे है ये बड़ी वजह

Fri, 09 Jun 2017 10:10 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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danish ahmed
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पंजाब आतंकवाद हो या फिर कश्मीर आतंकवाद उत्तराखंड की राजधानी देहरादून का पुराना जुड़ाव रहा है।
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हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े दानिश अहमद की कश्मीर में गिरफ्तारी के बाद आतंकवाद और उग्रवाद से जुड़ी पुरानी घटनाओं की याद ताजा हो गई है।

कश्मीरी आतंकवाद, मुंबई ब्लास्ट, पंजाब के उग्रवाद से जुड़े किरदारों ने दून को शरणस्थली के रूप में इस्तेमाल किया है।
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देहरादून में काफी गहरी थीं पंजाब के आतंकवाद की जड़ें 

आतंकी - फोटो : PTI
उत्तराखंड राज्य बनने से पहले पंजाब के आतंकवाद की देहरादून में जड़ें काफी गहरी थीं। आतंकियों ने रायवाला थाने पर हमला कर तीन सिपाहियों की हत्या कर दी थी।

ऋषिकेश और छिद्दरवाला में पुलिस दल पर हमलाकर दहशत बरपाने का काम किया था। पंजाब आतंकवाद के इसी दौर में धारा पुलिस चौकी के पास एक उग्रवादी पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था।

पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की गतिविधियों के साथ कश्मीरी आतंकियों की गतिविधियों से भी जिला अछूता नहीं रह पाया। ऋषिकेश में रोडवेज बस में विस्फोट कर आतंकियों ने अपनी मौजूदगी दर्शाई थी।
 
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इन आतंकी घटनाओं से जुड़े थे देहरादून के तार

blast
प्रेमनगर में लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी दबोचा गया। 2001 में क्लमेंटाउन में हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी की गिरफ्तारी हुई।

मुंबई में हुए बम ब्लास्ट में एटीएस 2007 में सेलाकुई से एक आतंकी को पकड़कर ले गई थी। एक अन्य कालेज से संदिग्ध कश्मीरी की गिरफ्तारी हुई थी।

2008 में यूपी एसटीएफ ने ऋषिकेश से हूजी के एक संदिग्ध को पकड़ा था। हाल ही में नाभा जेल पर हमला कर खालिस्तानी आतंकी को छुड़ाने की साजिश भी आतंकियों ने देहरादून में रहकर ही रची थी।
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