गंगा की अविरलता की मांग को लेकर अनशन कर रहे मातृसदन के ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद के आंदोलन को समर्थन देने के लिए कई राज्यों से आए गंगा प्रेमियों ने मातृसदन में दिन भर उपवास रखा।
इस दौरान संकल्प सिद्धि जाप भी किया गया। गंगा प्रेमियों ने उत्तराखंड में नदियों पर बन रही चार विद्युत परियोजनाओं पीपल कोटी, विष्णु गाढ़, सिंगोली और भटवाड़ी पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार की सुबह उत्तराखंड, यूपी, बिहार, महाराष्ट्र, दिल्ली आदि कई राज्यों से गंगा प्रेमी मातृसदन पहुंचे। जाने माने पर्यावरणविद और लेखक भरत झुनझुनवाला उनकी पत्नी भरत झुनझुनवाला, स्वामी आत्म स्वरूप, स्वामी शांति धर्मानंद सरस्वती आदि के नेतृत्व में मातृसदन पहुंचे।
इन लोगों ने आत्मबोधानंद के आंदोलन को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि देश की सरकारें गंगा की उपेक्षा कर रही हैं। गंगा की अविरलता के लिए जो बलिदान मातृसदन की ओर से दिए गए हैं वे अनुकरणीय हैं। गंगा प्रेमियों ने सरकार पर संत गोपालदास को गायब कराने का आरोप लगाया।