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उत्तराखंड: डायलिसिस करा रहे 50 मरीजों को हुआ हेपेटाइटिस-सी, स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप

Fri, 25 Oct 2019 09:54 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • कोरोनेशन अस्पताल में पीपीपी मोड पर चल संचालित सेंटर से चल रहा था डायलिसिस
  • तीन डॉक्टरों की टीम गठित कर तीन दिन में जांच रिपोर्ट मांगी
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- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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देहरादून के कोरोनेशन अस्पताल में पीपीपी मोड में संचालित सेंटर से डायलिसिस कराने वाले 50 से अधिक मरीजों को हेपेटाइटिस-सी हो गया। इनमें बड़ी संख्या में महिला मरीज भी शामिल हैं। इन मरीजों की जांच निजी लैब से कराई गई थी।

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इससे अस्पताल प्रशासन से लेकर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल के सीएमएस डॉ. बीसी रमोला ने तीन डॉक्टरों की जांच टीम गठित की है। जांच टीम तीन दिन में रिपोर्ट देगी। सेंटर संचालकों से भी इस बारे में जवाब मांगा गया है।

कोरोनेशन अस्पताल में नेफ्रोडायलिसिस कंपनी पीपीपी मोड में डायलिसिस सेंटर का संचालन करती है। पिछले कुछ दिन से अस्पताल के डॉक्टरों के पास अचानक डायलिसिस करा रहे ऐसे मरीज आने लगे जिन्हें निजी लैब की जांच रिपोर्ट में  हेपेटाइटिस सी बताया गया था।
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छानबीन में पता लगा कि 50 से अधिक मरीजों की हेपेटाइटिस सी रिपोर्ट पॉजीटिव है। संदेह होने पर कुछ मरीजों की जांच कोरोनेशन अस्पताल और एम्स ऋषिकेश से कराई गई। जिनमें मरीजों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई। इससे सीएमएस ने भी वरिष्ठ डॉक्टरों से सलाह मशविरा किया।

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डॉक्टरों ने भी इसमें विस्तृत जांच का सुझाव दिया। इसके बाद जांच टीम गठित कर दी गई। उधर, मरीजों ने सीएमएस को बताया कि हेपेटाइटिस सी की शिकायत करने पर डायलिसिस सेंटर से उन्हें बाहर से दवा लेने की सलाह दी गई है।

एक साथ बड़ी संख्या में डायलिसिस करा रहे मरीजों में हेपेटाइटिस सी होना गंभीर मसला है। जांच टीम गठित कर दी गई है। जो मामले की विस्तृत जांच करेगी। टीम को तीन दिन के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद इसके लिए जिम्मेवार लोगों पर कार्रवाई होगी।
-डॉ. बीसी रमोला, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक कोरोनेशन अस्पताल

कोरोनेशन हॉस्पिटल की रिपोर्ट गलत थी। हमने अपने खर्चे पर इन मरीजों के दोबारा टेस्ट कराए थे। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक ने जवाब मांगा है। पूरी रिपोर्ट उन्हें समिट करेंगे। उसके बाद ही इस बारे में मीडिया को कुछ ज्यादा बता सकेंगे।
-सुकरान सलूजा वाइस प्र्रेजीडेंट, नेफ्रोप्लस
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