घाटी में पांच सौ से अधिक प्रजातियों के फूल अलग-अलग समय पर खिलते हैं। यहां पोटोटिला, प्रिम्यूला, एनीमोन, एरिसीमा, एमोनाइटम, ब्लू पॉपी, मार्स मेरी गोल्ड, ब्रह्म कमल, फैन कमल जैसे कई फूल खिले रहते हैं। घाटी में दुर्लभ प्रजाति के जीव जंतु, वनस्पति व जड़ी बूटियों का भंडार है।
जुलाई के पहले हफ्ते से अक्तूबर तीसरे हफ्ते तक कई फूल खिले रहते हैं। विभिन्न प्रकार के फूल होने पर यहां तितलियों का भी संसार है। इस घाटी में कस्तूरी मृग, मोनाल, हिमालय का काला भालू, गुलदार, हिम तेंदुआ भी दिखता है।
उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित विश्व धरोहर फूलों की घाटी नंदा देवी नेशनल पार्क के अंतर्गत आती है। इसकी प्राकृतिक खूबसूरती और जैविक विविधता के कारण वर्ष 2005 में यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर घोषित किया था। 87.5 वर्ग किमी में फैली फूलों की घाटी न सिर्फ भारत बल्कि विदेशी पर्यटकों को भी अपनी ओर आकर्षित करती है।
फूलों की घाटी पहुंचने के लिए सड़क मार्ग से गोविंदघाट तक पहुंचा जा सकता है। यहां से 14 किमी. की दूरी पर घांघरिया है। यहां लक्ष्मण गंगा पुलिया से बायीं तरफ तीन किमी की दूरी पर फूलों की घाटी स्थित है।