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फूलों की घाटी के रास्तों पर पिघली बर्फ, खिले एनीमोन, प्रिम्यूला, आइरिस के खूबसूरत फूल

Sun, 10 May 2020 12:40 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोशीमठ(चमोली)
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Flower, - फोटो : अमर उजाला
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विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी के रास्तों पर रंग बिरंगे फूल खिलने का सिलसिला शुरू हो गया है। हालांकि फूलों की घाटी में अभी दो फीट तक बर्फ है लेकिन रास्ते से बर्फ हटनी शुरू हो गई है। बर्फ पिघलने के साथ ही यहां भी फूल खिलने शुरू हो जाएंगे।

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फूलों की घाटी रेंज के कर्मचारी इन दिनों घाटी के पास गश्त कर रहे हैं और कर्मचारियों ने इनकी तस्वीर ली है। घाटी के वन बीट अधिकारी मनोज उनियाल का कहना है कि घाटी जाने वाले मार्ग पर बर्फ पिघल चुकी है, जिससे यहां एनीमोन, प्रिम्यूला, आइरिस आदि के फूल खिलने लग गए हैं।

500 सौ प्रजाति से अधिक फूल

घाटी में पांच सौ से अधिक प्रजातियों के फूल अलग-अलग समय पर खिलते हैं। यहां पोटोटिला, प्रिम्यूला, एनीमोन, एरिसीमा, एमोनाइटम, ब्लू पॉपी, मार्स मेरी गोल्ड, ब्रह्म कमल, फैन कमल जैसे कई फूल खिले रहते हैं। घाटी में दुर्लभ प्रजाति के जीव जंतु, वनस्पति व जड़ी बूटियों का भंडार है।

जुलाई के पहले हफ्ते से अक्तूबर तीसरे हफ्ते तक कई फूल खिले रहते हैं। विभिन्न प्रकार के फूल होने पर यहां तितलियों का भी संसार है। इस घाटी में कस्तूरी मृग, मोनाल, हिमालय का काला भालू, गुलदार, हिम तेंदुआ भी दिखता है।
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कहां है फूलों की घाटी

उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित विश्व धरोहर फूलों की घाटी नंदा देवी नेशनल पार्क के अंतर्गत आती है। इसकी प्राकृतिक खूबसूरती और जैविक विविधता के कारण वर्ष 2005 में यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर घोषित किया था। 87.5 वर्ग किमी में फैली फूलों की घाटी न सिर्फ भारत बल्कि विदेशी पर्यटकों को भी अपनी ओर आकर्षित करती है।

फूलों की घाटी पहुंचने के लिए सड़क मार्ग से गोविंदघाट तक पहुंचा जा सकता है। यहां से 14 किमी. की दूरी पर घांघरिया है। यहां लक्ष्मण गंगा पुलिया से बायीं तरफ तीन किमी की दूरी पर फूलों की घाटी स्थित है।
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