हईया-अलसी-सकनी मोटर मार्ग से ही कई गांवों के लोग जाते हैं बाजार
शिकायत के बाद भी ऊर्जा निगम नहीं कर रहा कार्यवाही
हईया-अलसी-सकनी मोटर मार्ग पर ऊर्जा निगम के कई बिजली के पोल गिर गए हैं। कई सड़क किनारे हवा में लटके हैं। लटकते पोल और झूलते तारों से दुर्घटना का खतरा बना हुआ। वहीं ऊर्जा निगम शिकायत के बाद भी पोल को दूसरी जगह लगाने की कार्यवाही नहीं कर रहा है।
जौनसार बावर क्षेत्र में पंडित दीनदयाल उपाध्याय और राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत 238 खेड़ों और मजरों को रोशन करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर बिजली लाइन बिछाई गई थी। लेकिन ऊर्जा निगम के अभियंताओं ने भूस्खलन वाले स्थानों पर पोल खड़े कर दिए।
अब जब पहाड़ दरके तो खंभों ने भी अपनी जगह छोड़ दी और औंधे मुंह गिर पड़े। सबसे बड़ी लापरवाही की बात यह है कि विभाग ने बिजली की लाइन को कई झोल होने के बाद भी पास कर दिया। अलसी, सकनी, कनबुआ, ककाडी, सहित कई गांवों के लोग रोज इसी मोटर मार्ग से मुख्य बाजार जाते हैं।
लापरवाही को किया नजर अंदाज
स्थानीय निवासी बलवीर सिंह पंवार, खजान सिंह पंवार, कृपाल सिंह पंवार, अजय पंवार आदि का कहना है कि ठेकेदार ने दोयम दर्जे का काम किया है। ऊर्जा निगम ने भी ठेकेदार की लापरवाही को नजर अंदाज कर दिया। कहा कि जगह-जगह पोल और बिजली के तार झूल रहे है, कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
जेई ने बिजली के पोल गिरने की सूचना नहीं दी है। जेई और लाइनमैन को मौके पर भेज पोल और और लाइन को ठीक कराया जाएगा। बिजली की लाइन में समस्या को लेकर जेई से पूरी जानकारी लेने के बाद कार्यवाही कि जाएगी।
- अशोक कुमार, एसडीओ, ऊर्जा निगम