अमर उजाला में खबर पढ़ते ही मैने दिए गए नंबरों पर संपर्क किया और अस्पताल जाकर रक्तदान किया। मेरा रक्त किसी जरूरतमंद के काम आया यह मेरा सौभाग्य है।
- मनोहर प्रसाद शर्मा (37), संचालक एस एंड के कोचिंग सेंटर, बल्लूपुर चौक
मेरा ब्लड ग्रुप बी नेगेटिव है, डाक्टर ने मुझे बहुत जरूरी होने पर ही रक्तदान के लिए बोला है। खबर पढ़कर सीधे अस्पताल पहुंच गया। मेरी वजह से किसी की जान बच जाए। इससे बड़ा पुण्य का काम कोई नहीं हो सकता।
- कांस्टेबल कमलेश उनिलयाल (33), निवासी टिहरी, राजभवन सुरक्षा में तैनात
सुबह मेरी मम्मी शशिबाला सक्सेना और छोटी बहन अधिवक्ता प्राची सक्सेना ने खबर के बारे में बताया और रक्तदान करने की बात कही। उसके बाद मैं तुरंत अस्पताल पहुंची और रक्तदान किया। नेहा जल्दी ठीक हो जाए, ईश्वर से यही कामना है।
- अधिवक्ता प्रिया सक्सेना (30), निवासी चमन विहार
सुबह मेरी पत्नी सुनीता और बेटे शुभम ने खबर के बारे में बताया तो मैं अपने आप को नहीं रोक सका। अस्पताल जाकर नेहा के लिए रक्तदान किया। मेरा खून किसी जरूरतमंद के काम आया, यह मेरा सौभाग्य है।
- शीशराम (62), निवासी मधु विहार, खनन विभाग से रिटायर
मुझे डॉक्टर ने बहुत जरूरत होने पर ही खून देने के लिए बोला हुआ है, सुबह खबर पढ़ने के बाद मैं बेचैन हो गया। सीधे अस्पताल पहुंचकर नेहा के लिए रक्तदान किया। उम्मीद है कि नेहा जल्द ठीक हो जाएगी।
- वीरेंद्र रावत (35), निवासी नाला पानी रोड, बिल्डिंग मैटेरियल कारोबारी
इंसान का इंसान के काम आना सबसे बड़ा पुण्य का काम है, सुबह अखबार में खबर पढ़ रक्तदान कर मैंने भी यही किया।
- शशांक पारीवाल, निवासी डीएल रोड, ओएनजीसी में कार्यरत
डॉ. योगेश की देखरेख में नेहा का उपचार चल रहा है। रोजेदार युवा जैन काजी के रक्तदान के बाद उसे दो यूनिट रक्त की जरूरत और थी। बृहस्पतिवार को रक्तदान करने के लिए कई लोगों के फोन आए। जिनमें से छह लोगों ने रक्तदान किया। उनमें से दो यूनिट रक्त नेहा को चढ़ा दिया गया है। बाकी सुरक्षित रख लिया गया है, ताकि बाद में जरूरत पड़ने पर उसे प्रयोग किया जा सके। लोगों तक जरूरतमंद की अपील पहुंचाने के लिए अमर उजाला का आभार।
- भूपेंद्र रतूड़ी, मीडिया को-ऑर्डिनेटर, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल