सिलक्यारा पहुंचे रैट माइनिंग टीम के सदस्य
हरपाल सिंह ने बताया कि रैट माइनिंग टीम के दो सदस्य पाइप में घुसेंगे। इनके पास छोटे फावड़े, छोटी ट्रॉली, ऑक्सीजन मास्क व हवा को सर्कुलेट करने के लिए एक ब्लोअर होगा।
एक सदस्य खोदाई करेगा, दूसरा मलबा ट्रॉली में भरेगा। फिर ट्रॉली बाहर खींच ली जाएगी। चूंकि एक बार में ट्रॉली में छह से सात किलो मलबा ही बाहर आएगा, इसलिए इसमें समय लगेगा। एक टीम के थकने पर दूसरी अंदर जाएगी। इस रास्ते से 8 से 10 मीटर खोदाई करनी है। सेना के मद्रास शैपर्स की 30 सदस्यीय टीम मदद कर रही है।
पीएम मोदी के प्रधान सचिव ने लिया जायजा
बचाव कार्य के 16वें दिन पीएम नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव प्रमोद कुमार मिश्र ने मौके पर जाकर हालात का जायजा लिया। उनके साथ केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला और उत्तराखंड के मुख्य सचिव एसएस संधू भी थे। प्रधान सचिव ने सुरंग में फंसे मजदूरों और वहां मौजूद परिजनों से बातचीत की। खाने-पीने के सामान की जानकारी ली। सुरंग में फंसे मजदूरों की तरफ से गब्बर सिंह नेगी ने मिश्र से बात की।
सुरंग में फंसे भाइयों को निकाल लेंगे
रैट माइनर्स टीम के सदस्य मूल रूप से मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। उनमें से एक ने कहा, हम भी मजदूर हैं और सुरंग में फंसे लोग भी मजदूर हैं। वे हमारे भाई हैं और हम जल्द से जल्द उन्हें बाहर लाना चाहते हैं। हमें ऐसे काम का लंबा अनुभव है और इतना भरोसा है कि हम यह काम कर लेंगे।
मेडिकल चेकअप के लिए सुरंग में लगेंगे आठ बेड
सुरंग से बाहर आते ही सबसे पहले श्रमिकों का मेडिकल चेकअप किया जाएगा। इसके लिए सुरंग में ही आठ बेड लगाए जाएंगे। 41 एंबुलेंस व डॉक्टरों की टीम तैनात रहेगी।