आधी-अधूरी पेयजल योजना का लोकार्पण करने पहुंचने उत्तराखंड के पेयजल मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी को लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा।
देवप्रयाग व कीर्तिनगर विकासखंड की करीब 100 बस्तियों को पेयजल आपूर्ति के लिए चार वर्षों से हडिमधार पेयजल योजना का निर्माण किया जा रहा है। शुक्रवार को मंत्री प्रसाद नैथानी योजना का लोकार्पण करने के लिए लक्षमोली पहुंचे थे। यहां ग्रामीणों ने काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों के भारी विरोध के चलते मंत्री जी को बैरंग लौटना पड़ा।
वर्ष 2012 में हडिमधार पेयजल योजना का निर्माण शुरू हुआ था। करीब 24 करोड़ की लागत से बनने वाली इस योजना से देवप्रयाग व कीर्तिनगर विकासखंड की 100 बस्तियों को पेयजल आपूर्ति होनी है। शुक्रवार को योजना का लोकार्पण स्थानीय विधायक व पेयजल मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी के हाथों होना था।
योजना का निर्माण पूरा किए बिना लोकार्पण करने पर आक्रोशित ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों ने लोकार्पण को राजनीतिक षड्यंत्र बताया। स्थिति तब और बिगड़ गई जब यूकेडी के देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्ष गणेश भट्ट के नेतृत्व में मंत्री के समक्ष समस्या रखने जा रहे सिरोला, डडुआ, सेमली और जुयालगढ के ग्रामीणों को पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया। इस पर ग्रामीण और उग्र हो गए।
ग्रामीणों ने मंत्री के विरोध में नारेबाजी शुरू करते हुए काले झंडे दिखाए। ग्रामीणों के उग्र विरोध को देखते हुए मंत्री प्रसाद नैथानी ने कदम पीछे खींच लिए और बिना लोकार्पण किए लौट गए। नैथानी ने कहा कि उन्हें विभागीय अधिकारियों ने आधी अधूरी जानकारी दी थी।
अब वे योजना का काम जल्द पूरा करवा कर ही इसका लोकार्पण करेंगे। नैथानी ने आधी-अधूरी जानकारी देने पर विभागीय अधिकारियों को तलब किया है। उन्होंने सफाई दी कि उन्हें यथा स्थिति मालूम होती तो वे लोकार्पण के लिए कभी नहीं आते।