सेवानिवृत्त शिक्षक भारती ने सूख चुके गदेरे काे किया पुनर्जीवित
उफ्रैखाल पौड़ी जिला निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक सच्चिदानंद भारती ने वर्ष 1989 में बीरोंखाल के उफ्रैखाल में छोटे-छोटे चाल खाल बनाकर वर्षाजल का संरक्षण किया। भारती बताते हैं कि उन्होंने करीब 30 हजार से अधिक चाल-खाल बनाए। उसके आस पास बांज, बुरांस के पेड़ लगाए। इसका परिणाम यह हुआ कि 10 साल बाद क्षेत्र में सुखा गदेरा पुनर्जीवित हो गया। जिसमें वर्तमान में लगातार पानी चल रहा है। भारती बताते हैं जिन स्थानों पर चाल-खाल बनाए गए हैं, उन स्थानों पर वन भी हरे भरे हैं। वर्षा जल संरक्षण के लिए उन्होंने ‘पाणी राखो’ नाम से आंदोलन शुरू किया है।
मनोज ने गंदे घाटों पर शुरू की आरती
रुद्रप्रयाग के मनोज बैंजवाल पवित्र स्थलों को प्लास्टिक मुक्त करने में जुटे हैं। 1997 से वह इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं। बैंजवाल बताते हैं जिन घाटों पर गंदगी थी, उन्होंने न घाटों पर आरती शुरू की। क्षेत्र के अन्य लोगों को भी इससे जोड़ा। नतीजा यह हुआ कि लोगों ने वहां गंदगी फैलाना बंद कर दिया। इसके अलावा उन्होंने वासुकीताल, तुगंनाथ सहित विभिन्न बुग्यालों को भी प्लास्टिक मुक्त करने के लिए अभियान चलाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मन की बात कार्यक्रम में मनोज के कार्यों को सराहा चुके हैं। मनोज बताते हैं कि इन दिनों वह स्कूलों में छात्र-छात्राओं को कूड़ा प्रबंधन के प्रति जागरूक कर रहे हैं।
डीएम मंगेश को देख बगवाड़ी को मिली इस क्षेत्र में कुछ करने की प्रेरणा
गुप्तकाशी निवासी सुरेंद्र प्रसाद बगवाड़ी स्वच्छता अभियान में जुटे हैं। वह बताते हैं, तत्कालीन डीएम मंगेश को गदेरे को साफ करते देखा तो उन्हें भी लगा कि इस क्षेत्र में उन्हें भी कुछ करना चाहिए। बगवाड़ी बताते हैं उन्होंने भी क्षेत्र में स्वच्छता को लेकर अभियान चलाया। वह केदारनाथ के तीर्थ पुरोहित हैं। बिहार के पांच सौ गांवों में उनकी यजमानी है। उन्होंने बिहार में भी इसके प्रति लोगों को जागरूक किया। इस काम में उन्हें पत्नी तीर्थेश्वरी देवी का भी पूरा सहयोग मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मन की बात कार्यक्रम में उनके इस काम को सराह चुके हैं। उन्होंने कहा कि इन दिनों वह लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक कर रहे हैं। इस काम में अन्य का भी सहयोग मिल रहा है।
चंपा बंजर भूमि में पेड़ लगाकर उसे कर रहीं हरा-भरा
गुप्तकाशी के देवर गांव की चंपा देवी स्कूल में भोजन माता हैं, जो स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक कर रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मन की बात कार्यक्रम में उनके इस प्रयास की जमकर तारीफ कर चुके हैं। रविवार को राजभवन पहुंची चंपा देवी बताती है कि स्कूल में बच्चों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक कर रहीं हैं। उन्होंने क्षेत्र की बंजर भूमि पर पेड़ लगाकर उसे हरा भरा किया है। पिछले छह साल में वह बंजर भूमि में कई पेड़ लगा चुकी हैं।