मनेरी भाली स्टेज टू परियोजना की सुरंग से रिसाव
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उत्तराखंड के उत्तरकाशी में जल विद्युत निगम की 304 मेगावाट मनेरी भाली स्टेज टू परियोजना की हैड रेस टनल (एचआरटी) से भारी रिसाव होने के कारण मरगांव की सिंचाई नहर का एक हिस्सा धराशायी हो गया। साथ ही यहां एक खेत में गहरी दरारें उभर आईं। इस घटना से मरगांव, चमियारी क्षेत्र के ग्रामीणों में दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने निगम प्रबंधन से शीघ्र सुरंग का ट्रीटमेंट करने व सिंचाई नहर दुरुस्त कराने की मांग की है।
वर्ष 2008 में बनकर तैयार हुई 304 मेगावाट की मनेरी भाली स्टेज टू परियोजना में जोशियाड़ा बैराज से धरासू विद्युत गृह तक 16 किमी लंबी सुरंग बनी है। परियोजना की कमीशनिंग के दौरान ही इस सुरंग में कुछ जगह रिसाव की समस्या आई थी, तब इसकी मरम्मत कर परियोजना को चालू किया गया था। बीते तीन माह से मरगांव के निकट गमरी गाड में इस सुरंग से रिसाव हो रहा था। बीते 21 मई को धरासू विद्युत गृह में 76-76 मेगावाट की चारों टरबाइनों से फुल लोड पर विद्युत उत्पादन शुरू किए जाने के बाद से रिसाव बढ़ गया है।
खेतों में दरारें आने की घटना से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। गांव के प्रधान सुरेंद्र पाल, चंदन बर्त्वाल, बलदेव सिंह आदि ग्रामीणों ने कहा कि सुरंग से हो रहा रिसाव बढ़ने से गांव के लिए भी खतरे की आशंका है। उन्होंने निगम प्रबंधन से शीघ्र रिसाव की समस्या दूर करने तथा क्षतिग्रस्त सिंचाई नहर दुरुस्त कराने की मांग की है। शुक्रवार को तहसीलदार प्रताप सिंह चौहान ने सिंचाई विभाग एवं जल विद्युत निगम के अधिकारियों को साथ लेकर मौका मुआयना किया। निगम ने सिंचाई नहर पर अस्थाई तौर पर पानी चलाकर शीघ्र नहर दुरुस्त कराने का भरोसा दिलाया।
76 लाख रुपये की लागत से होगा ट्रीटमेंट
जल विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता सिंविल राम सिंह बिष्ट ने बताया कि एचआरटी में कुछ जगह से रिसाव हो रहा है। इसकी मरम्मत के लिए निविदा कराई जा चुकी है। करीब 76 लाख रुपये लागत से होने वाला यह कार्य दो माह के भीतर पूरा हो जाएगा। जिससे रिसाव की समस्या का समाधान हो जाएगा। रिसाव से क्षतिग्रस्त सिंचाई नहर दुरुस्त कराने के साथ ही खेत का मुआवजा भी दिया जाएगा।