इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट और फार्मेसी कर रहे हैं तो अब आप पिज्जा नहीं खा सकेंगे। इसके साथ ही वह ये चीजे खाने से भी महरूम हो जाएंगे।
इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट और फार्मेसी समेत देश के किसी भी टेक्निकल कॉलेज में अब समोसे, कचौड़ी, पिज्जा, बर्गर और नूडल्स नहीं बिकेंगे।
ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) ने देशभर में तकनीकी शिक्षण संस्थानों में इन पर रोक लगा दी है। इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं। सभी शैक्षणिक संस्थानों को सख्ती से इस पर रोक लगाने के लिए कहा गया है।
तकनीकी शिक्षण संस्थान अपनी कैंटीन पर लगातार रखें नजर
कैंटीन
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एआईसीटीई की ओर से जारी सर्कुलर के मुताबिक, जंक फूड और ऑयली भोजन से छात्रों में मोटापा तेजी से बढ़ रहा है। साथ ही छात्र जीवन में ऐसे खाने के चलते दुश्वारियां पैदा हो रही हैं। लिहाजा जरूरी है कि तकनीकी शिक्षण संस्थान अपनी कैंटीन पर लगातार नजर रखें।
साथ ही ऐसे किसी भी भोजन पर तत्काल रोक लगा दें, जो छात्रों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकता हो। एआईसीटीई ने इंजीनियरिंग के साथ ही मैनेजमेंट, फार्मेसी और नर्सिंग कॉलेजों के लिए भी यह निर्देश दिए हैं। श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. यूएस रावत का कहना है कि एआईसीटीई और यूजीसी के नियमों के बाबत सभी कॉलेजों को जागरूक किया जा रहा है, ताकि जंक फूड की हानियों से युवाओं को बचाया जा सके।
नशा मुक्त परिसर बनाने के भी निर्देश
एआईसीटीई ने देशभर के परिसरों में तेजी से बढ़ रही नशे की लत पर भी चिंता जताई है। इसके तहत सभी शिक्षण संस्थानों को निर्देशित किया गया है कि वह ऐसे छात्रों पर नजर रखें। अगर कहीं इस तरह की गतिविधि मिले तो उस पर तत्काल कार्रवाई करें, ताकि इससे मुक्ति पाई जा सके। इस बाबत वर्ष 2016 में ही विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) भी सर्कुलर जारी कर चुका है।