बच्चों के लिए कुछ न कर पाने की टीस को लेकर परेशान रहने वाले रोडवेज के एक एजेंसी चालक ने खौफनाक कदम उठा दिया।
उत्तराखंड के टनकपुर में उक्त एजेंसी चालक कने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के वक्त उसकी पत्नी घर पर नहीं थी। जान देने से पहले युवक ने अपने दो बच्चों को दूसरे कमरे में बंद कर दिया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मुलिस के मुताबिक रोडवेज का एजेंसी चालक और ज्योलीकोट (नैनीताल) निवासी विनय कुमार (38) पुत्र मुन्नालाल शाम करीब 4:30 बजे ड्यूटी से टनकपुर स्थित अपने किराए के मकान में लौटा। उसकी पत्नी ममता एक पुत्र को साथ लेकर काम से पीलीभीत गई हुई थी, जबकि घर पर उसकी पुत्री और एक पुत्र था।
दोनों बच्चों को कमरे में कर दिया बंद
पुलिस के मुताबिक घर में आकर विनय ने बच्चों से कहा कि वह उनके लिए कुछ नहीं कर पाया है और अब अपनी जान दे रहा है।
यह कहकर विनय ने एक कमरे में दोनों बच्चों को बंद कर दिया और खुद दूसरे कमरे में जाकर पंखे के कुंडे में रस्सी डालकर फांसी लगा ली। उसकी पुत्री दरवाजे की जाली तोड़कर बाहर आई तो पिता को फंदे पर लटका देख जोर-जोर से रोने लगी।
मकान मालिक की सूचना सीओ राजन सिंह रौतेला और कोतवाल कमल राम आर्य फौरन मौके पर पहुंचे। शव को फंदे निकाल कर कब्जे में ले पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। कोतवाल ने बताया कि पीलीभीत गई मृतक की पत्नी और परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है।