पॉक्सो अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के बहुचर्चित मामले में शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) रजनी शुक्ला की अदालत ने मुख्य आरोपी इमरान उर्फ तोता को दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास और 65 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
अदालत ने दोनों सहआरोपी गुलजार और अनीस को तीन-तीन माह का कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने अर्थदंड की कुल राशि में से 40 हजार रुपये पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में देने के निर्देश दिए हैं। मामला थाना सहसपुर क्षेत्र का है। नवंबर 2020 में 13 वर्षीय बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म करने का आरोप था। पीड़िता की मां की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच के बाद आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने इमरान उर्फ तोता को दोषी पाया और उसे 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाते हुए सभी सजाएं साथ चलाने के आदेश दिए।
इमरान पर 65 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी। सहआरोपी गुलजार को पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 के आरोपों से तो दोषमुक्त कर दिया पर उसे आपराधिक धमकी देने पर तीन माह की सजा और पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया है। वहीं तात्कालिक ग्राम प्रधान अनीस अहमद को तीन माह के कारावास और एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अदालत ने दोषियों के विरुद्ध सजा वारंट जारी करने के आदेश भी दिए हैं।