मामले में मध्यप्रदेश एसटीएफ ने 10 जनवरी को आरोपी विंग कमांडर कुलदीप वाघेला और उसके दोस्त डॉ. चंद्रेश कुमार शुक्ला को गिरफ्तार किया था। आरोप था कि विंग कमांडर ने शुक्ला को कुलपति नियुक्त कराने के लिए राज्यपाल को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बनकर फोन कर सिफारिश की थी।
चूंकि, आरोपियों ने जिस मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया था, वह गृह मंत्रालय के नंबर से मिलता जुलता था। आरोपियों ने कबूला था कि उन्हें यह मोबाइल नंबर भूपतवाला के दिव्य गंगा अपार्टमेंट निवासी ट्रेवल्स व्यवसायी दक्ष अग्रवाल पुत्र श्याम अग्रवाल ने उपलब्ध कराया था। उसे भी प्रकरण की जानकारी थी।
भोपाल से एसटीएफ ने रविवार को यहां पहुंचकर सीआईयू से संपर्क साधा था। फिर दिव्य गंगा अपार्टमेंट में दबिश देकर आरोपी दक्ष को गिरफ्तार कर लिया था। एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय ने बताया कि मध्यप्रदेश एसटीएफ ने आरोपी को सोमवार सुबह अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रविशंकर मिश्रा की कोर्ट में पेश किया। जहां से ट्रांजिट रिमांड मंजूर होने पर वह आरोपी को साथ ले गई।