भगवानपुर उपचुनाव में कांग्रेस का टिकट दिवंगत सुरेंद्र राकेश की पत्नी ममता राकेश को दिए जाने के साथ ही पार्टी में बगावत शुरू हो गई है। सोमवार को कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल करने वाले मास्टर सत्यपाल सिंह के साथ भगवानपुर के ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राजकुमार कसाना और वरिष्ठ नेता मुनीर आलम समेत कई नेताओं ने पार्टी छोड़ दी है।
उन्होंने पार्टी हाईकमान पर जमीन से जुड़े कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ विश्वासघात का आरोप लगाया। मास्टर सत्यपाल सिंह ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने की घोषणा की है।
सोमवार को कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह के साथ रोशनाबाद जाकर मास्टर सत्यपाल सिंह ने पर्चा भरा था। उन्हें समाज कल्याण विभाग में उपाध्यक्ष बनाकर लाल बत्ती की सौगात भी दी गई थी। सत्यपाल ने तभी बागी तेवर दिखाने शुरू कर दिए थे।
सत्यपाल ने पार्टी पर लगाया धोखा देने का आरोप
मंगलवार को पार्टी के कई नेताओं के साथ पत्रकारों से वार्ता करते हुए मास्टर सत्यपाल सिंह ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। आरोप लगाया कि पार्टी ने उनके साथ धोखा किया है। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद ही उन्होंने जिलाध्यक्ष के साथ जाकर पर्चा भरा था। बाद में उन्हें टिकट नहीं दिया गया।
उन्होंने कहा कि हम सभी ने कांग्रेस की सच्चे मन से सेवा की है लेकिन पार्टी ने उन्हें इसके लिए मजबूर किया है। इस दौरान मौजूद सभी लोगों ने मजबूती से सत्यपाल को लड़ाने की बात कही।
इस मौके पर प्रदीप कुमार, अहसान अली, अफजल, रिजवान, बबलू, राव इरफान, चंद्रपाल, अय्यूब, शिवराज, ताराचंद सैनी, रामकुमार, नासिर परवेज, उदय त्यागी समेत बड़ी संख्या में कांग्रेसी मौजूद थे। इन सभी ने कांग्रेस छोड़ने का दावा किया।