एक छात्रा ने बताया कि एक वार्डन ने रात करीब 12: 15 बजे मोबाइल पर मैसेज भेजकर उसे पहले तो जन्मदिन की बधाई दी, फिर फोन कर कहा कि मेरी पत्नी घर पर नहीं है, खाना कौन बनाएगा, तुम आ जाओ। छात्रा के फोन काटने पर वह दोबारा फोन कर लगभग एक घंटे तक इधर-उधर की बातें करता रहा।
इधर, 10 दिन बीतने के बाद भी वार्डन पर कोई कार्रवाई न होते देख गत 21 अक्तूबर को रैगिंग मामले में बुलाई गई विश्वविद्यालय अनुशासन समिति (यूडीसी) की बैठक में छात्रा ने वार्डन के भेजे गए मैसेज दिखाते हुए अधिकारियों के समक्ष शिकायत की, लेकिन विवि प्रशासन मामले को दबाए रखा और आरोपी वार्डन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
21 अक्तूबर को यूडीसी की बैठक में कुछ छात्राओं ने टेक्स्ट मैसेज दिखाते हुए देर रात फोन कर परेशान करने के संबंध में वार्डन की शिकायत की थी। साथ ही यह भी बताया कि वह इस संबंध में कुलपति को भी अवगत करा चुके हैं। चूंकि शिकायत लिखित में नहीं की गई है, इसलिए वार्डन के खिलाफ फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की गई है। - डॉ. सलिल तिवारी, अधिष्ठाता छात्र कल्याण, पंतनगर विवि।