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किसी संत को बनाएं श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का अध्यक्ष : नरेंद्र गिरि महाराज

Fri, 07 Feb 2020 07:17 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार

सार

  • सीएए के विरोध में शाहीन बाग के धरने को बताया पाकिस्तान प्रायोजित
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नरेंद्र गिरि महाराज - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि महाराज ने अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए केंद्र सरकार की ओर से गठित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ट्रस्ट में किसी संत को अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए था।

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किसी गृहस्थ को इसका अध्यक्ष बनाना संतों का अपमान है। अगर संतों को अपनी गरिमा बचानी है तो उन्हें ट्रस्ट से अलग हो जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि ट्रस्ट गठित होने के बाद जल्द ही रामलला का भव्य मंदिर बनेगा। शनिवार को होने वाली अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की बैठक में भाग लेने हरिद्वार पहुंचे श्रीमहंत नरेंद्र गिरी महाराज ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए यह बात कही।

अखाड़ा परिषद की बैठक में कुंभ मेले को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की उम्मीद है। वहीं, नरेंद्र गिरि महाराज ने बैठक से पहले शुक्रवार को कई अखाड़ों में जाकर संतों से मेले की तैयारियों पर चर्चा की।

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'सीएए के विरोध में शाहीन बाग में आंदोलन कर रहे लोग देशद्रोही,

पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट का गठन स्वागत योग्य कदम है। सनातन धर्म के सभी अनुयायी चाहते हैं कि अयोध्या में जल्दी श्रीराम मंदिर का निर्माण हो। केंद्र सरकार ने ट्रस्ट बनाकर सराहनीय पहल की है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि चारों शंकराचार्य, चारों रामानंदाचार्यों को इसमें शामिल करना चाहिए था। या संत को अध्यक्ष बनाकर अन्य प्रतिनिधि शामिल किए जा सकते थे।

उन्होंने कहा कि ट्रस्ट में किसे रखना है यह सरकार का एकाधिकार है। अखाड़ा परिषद के पदाधिकारियों को ट्रस्ट में शामिल नहीं किए जाने के बारे में उन्होंने कहा कि मांग करना सबका अधिकार होता है। हमने भी मांग उठाई थी, लेकिन सरकार ने नहीं मानी और बात खत्म। किसी से नाराजगी जैसी कोई बात नहीं है। उन्होंने कुंभ मेले के निर्माण कार्यों की धीमी गति पर भी चिंता जताई और कहा कि बैठक के बाद सीएम से मिलकर इस बारे में चर्चा की जाएगी।

वहीं, नरेंद्र गिरी महाराज ने सीएए के विरोध में शाहीन बाग में आंदोलन कर रहे लोगों को देशद्रोही बताते हुए उनकी तुलना आतंकवादियों से की। कहा कि देश 1947 में आजाद हो गया था, फिर अब ये किससे आजादी मांग रहे हैं? सरकार को इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। इस धरने को उन्होंने पाकिस्तान प्रायोजित बकाया। इस अवसर पर महंत डोगर गिरी, श्रीमहंत लखन गिरी, श्रीमहंत ओंकार गिरी, दिगंबर बलवीर पुरी, महंत अंबिका पुरी, दिगंबर आशुतोष पुरी, स्वामी रघुवन, स्वामी मधुरवन मौजूद रहे।
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