इसी दिन से सूर्य उत्तरायण हो जाएंगे और हेमंत ऋतु बदलकर शिशिर ऋतु हो जाएगी। 15 जनवरी से सूर्य के उत्तरायण होते ही विवाह और यज्ञोपवीत आदि के सभी मुहूर्त प्रारंभ हो जाएंगे। ये मुहूर्त दो से नौ मार्च तक होलाष्टक के कारण बंद रहेंगे और नौ मार्च के बाद फिर शुरू हो जाएंगे।
डॉ. मिश्रपुरी ने बताया कि उत्तरायण में पैदा होने वाले बच्चे पूर्ण धार्मिक और आस्थावान होते हैं। जन्म के समय उत्तरायण का सूर्य पड़े तो किसी भी राशि में शनि का दोष समाप्त हो जाता है। जब भी सूर्य मकर अथवा कुंभ में होंगे तो जन्म कुंडली के बुरे प्रभाव मिट जाएंगे।
बताया कि यद्यपि मकर संक्रांति का स्नान 14 जनवरी से भी प्रारंभ हो जाएगा, लेकिन जानकार श्रद्धालु 15 को ही डुबकी लगाएंगे। स्नान के बाद तिल से बने पदार्थ, खिचड़ी आदि का दान सर्वश्रेष्ठ बताया गया है। इसी दिन से सूर्य का ताप तिलतिल बढ़ने लगता है।
मकर संक्रांति के तुरंत बाद रात की अवधि घटती जाएगी और दिन की अवधि बढ़ती चली जाएगी। सूर्य का मकर में आना अनेक प्रकार के धार्मिक बंधनों को भी समाप्त कर देगा। मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान सूर्य अपने पुत्र शनि के घर में निवास करते हैं।
अभ्यास और कड़ी मेहनत मनुष्य को महान बना देती है। गुरुओं का आशीर्वाद शिष्यों पर बना रहे तो आप सफलता के चरम को छू लेंगे। ये विचार जयराम आश्रम के परमाध्यक्ष ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने रविवार को हरिद्वार स्थित वात्सल्य वाटिका में आयोजित मकर संक्रांति के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि जिसने अपने आप पर काबू कर लिया उसने जीवन में सब कुछ पा लिया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में चल रहे माहौल को देखते हुए हमें अपनी संस्कृति की ओर वापस आना होगा। हमें अपनी संस्कृति को बचाए रखने के लिए काम करना होगा। देश में आज जो हो रहा है वह नहीं होना चाहिए। संतों को अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी के साथ निभानी चाहिए और लोगों को भी अपने रास्ते से नहीं भटकना चाहिए।
कहा कि समाज को संतों का सम्मान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि वात्सल्य वाटिका बच्चों के अंदर जो संस्कार दे रही है वह सराहनीय है। उन्होंने श्रोताओं से आग्रह किया कि वह अपने घरों में अपने बुजुर्ग का सम्मान करें और उनका ध्यान रखें। प्राचीन अवधूत मंडल के परमाध्यक्ष रूपेंद्र प्रकाश ने स्वामी विवेकानंद की जयंती पर कहा कि नर की सेवा ही नारायण की सेवा है।
मानवता का संदेश स्वामी विवेकानंद ने पूरे विश्व को दिया था, जिसके आधार पर आज वाटिका चल रही है। इस अवसर पर वात्सल्य वाटिका के प्रबंधक प्रदीप मिश्रा, भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ जयपाल सिंह चौहान, भाजपा अनुसूचित मोर्चा के जिला अध्यक्ष चतर सेन, डॉ. अजय चौहान शिवालिकनगर पालिका के सभासद अशोक मेहता, भाजपा रानीपुर मंडल केे पूर्व अध्यक्ष उपेंद्र शर्मा, करेश चंद, वीरेंद्र बोरी, बसंत सिंह चौहान, पंकज चौहान आदि सैकड़ों लोग उपस्थित थे।