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कश्मीर चुनाव के बारे में रिटा. जनरल बख्शी ने दिया बयान, कहा 'ऑपरेशन ऑलआउट जरूरी'

Sat, 29 Dec 2018 01:48 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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maj. bakshi
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मेजर जनरल जीडी बख्शी (सेवानिवृत्त) ने देश में आतंकवाद की समस्या पर कहा कि ‘शांति के कबूतर उड़ाने वाले’ देश को बर्बाद करने का प्रयास कर रहे हैं।

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ये वह वर्ग है जो नोबल पुरस्कार के लिए लार टपकाता है और केंद्र सरकार के हर सख्त कदम को रोकने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कश्मीर में चल रहे ‘ऑपरेशन ऑलआउट’ को जरूरी बताया। कहा कि सरकार के कदम अब भी नाकाफी हैं। यदि आतंकवाद को खत्म करना है तो और सख्ती करनी होगी। 

शनिवार को ‘हम हैं मोहयाल’ कार्यक्रम में जनरल बख्शी बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इस दौरान वह मीडिया से मुखातिब हुए। कश्मीर और आतंकवाद की समस्या पर उन्होंने अपने चिरपरिचित अंदाज में कहा कि पाकिस्तान सिर्फ एक ही भाषा जानता है और वह है युद्ध। सेना का सर्जिकल स्ट्राइक कदम बहुत अच्छा था। पाकिस्तान पहले इससे इनकार कर रहा था, लेकिन अब वह भी स्वीकार कर रहा है कि सर्जिकल स्ट्राइक हुई थी, जिसमें पीओके के अंदर कई लोग मारे गए।

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बातचीत और शांति से कुछ नहीं होने वाला

आतंकवाद के समाधान पर उन्होंने कहा कि देश में एक वर्ग ऐसा है जो शांति में नोबल पुरस्कार पाने की होड़ में लगा हुआ है। इसी वजह से वह आतंकियों के सफाए को भी मानवाधिकार हनन करार देता है।

यह वर्ग सरकार के हर सख्त कदम को रोकता है। वर्तमान में कश्मीर में जो समस्या है उसका हल सिर्फ इसी तरह से हो सकता है, जिस तरह केंद्र और सेना प्रयास कर रही है। उन्होंने वर्तमान सरकार के कामकाज और आतंक के विरोध में नीति को सराहा लेकिन, इसे नाकाफी बताया। कहा, सरकार को शांति के कबूतर उड़ाने वालों से दूर रहना होगा तभी देश से आतंकवाद का सफाया हो सकता है।

बख्शी बोले, पत्थरबाज भी आतंकी हैं

कश्मीर में पत्थरबाजी की घटना पर उन्होंने कहा कि जो हमारे जवानों की वर्दी पर हमला कर रहा है वह सीधेतौर पर भारत पर हमला कर रहा है। वह आतंकी हैं और देश के दुश्मन हैं।

लिहाजा पत्थरबाजों के प्रति नरम रवैया आने वाले समय के लिए खतरनाक है। कश्मीर में जो हो रहा है वह पाकिस्तान से समर्थित है। यह बात सभी जानते हैं और दशकों से यही चल आ रहा है। इसका हल सिर्फ पाकिस्तान को मुंह तोड़ जवाब से हो सकता है।
 
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इमरान से कोई उम्मीद नहीं

जनरल बख्शी से जब पाकिस्तान की इमरान सरकार के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इमरान से देश को कोई उम्मीद नहीं करनी चाहिए। इसका सीधा मतलब है कि पाकिस्तान कहने को लोकतांत्रिक है, वहां राज सेना करती है।

सत्ता में इमरान के आने से कुछ नहीं बदलने वाला। इसका उदाहरण पंजाब के अमृतसर में हुए आतंकी हमले से मिलता है। वे अब पंजाब को फिर से तीन दशक वाला पंजाब बनाना चाहते हैं। वहां जो कुछ हुआ वह भी पाकिस्तान का ही किया धरा था। 
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