मालूम हो कि 22 अप्रैल को बाशिक देवता की पालकी मैंद्रथ स्थित मंदिर से केदारनाथ के लिए रवाना हुई थी। सैकड़ों श्रद्धालुओं के साथ करीब 300 किमी की पैदल यात्रा तय कर देव पालकी 11 दिन बाद बीते बुधवार की शाम को केदारनाथ पहुंची थी। जहां शाम के समय देव पालकी ने आराध्य के दर्शन किए। 14 मई को देव पालकी वापस अपने मूल स्थान मेंद्रथ पहुंचेगी।
इस मौके एसडीएम ऊखीमठ गोपाल सिंह चौहान, बजीर दीवान सिंह राणा, मखू पंवार, जगमोहन राणा, देव माली भवान सिंह, संजय जोशी, दीवान चंद शर्मा, आत्मा जोशी, कबीर दास, कुमरेश, रमेश, विनोद, रिंकू, रघुवीर सिंह, साहिब सिंह राणा आदि मौजूद रहे।