देहरादून के शिवालयों में बुधवार मध्य रात्रि से ही भगवान शिव की अराधना होने लगी। मंदिरों में रात नौ बजे से ही श्रद्धालुओं की कतारें लगने लगी थीं।
पढ़ें, फीस नहीं दी तो प्रिंसिपल ने शारीरिक संबध बनाने को कहा
हालांकि, रात 12 बजे विशेष पूजन और अभिषेक के बाद कपाट 12:30 बजे खोले गए। गढ़ी कैंट स्थित टपकेश्वर महादेव में मंदिर के सेवादल की ओर से रात्रि बारह बजे बाबा का दूध, दही, शहद आदि से विशेष अभिषेक किया गया।
25 क्विंटल केसर दूध के प्रसाद की व्यवस्था
12:30 बजे आम श्रद्धालुओं के लिए कपाट खोल दिए गए, जबकि रात नौ बजे से लोग कतारों में लग गए थे। मंदिर के स्वामी किशन गिरी ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए 25 क्विंटल केसर दूध के प्रसाद की व्यवस्था की गई है।
पढ़ें, गुलदार की खाल पर घेरे में विधायक और उनकी पत्नी
सुबह यज्ञ किया जाएगा। उधर, मंदिर परिसर में मेला भी सज गया है। केदारपुरम स्थित श्री सिद्धेश्वर मंदिर में रात 12 बजे से ही बाबा का अभिषेक शुरू हो गया था। यहां भी मेला लगा है।
उधर, ईसी रोड स्थित नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में शिवरात्रि पर आज सामूहिक अखंड जाप और कीर्तन किया जाएगा। टपकेश्वर स्थित माता वैष्णो देवी गुफा मंदिर में एक लाख बीस हजार पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण पूर्ण हो गया है।
पढ़ें, हरक सिंह ने दिया था सरकारी वकील बनाने का झांसा
आचार्य बिपिन जोशी ने बताया कि गुरुवार को रुद्री पाठ के साथ बाबा का विशेष अभिषेक किया जाएगा। विश्व जागृति मिशन की ओर से भी शिवरात्रि के अवसर पर बाबा का अभिषेक और भजन-कीर्तन किए जाएंगें।
इसके साथ ही पंचायती मंदिर, शिव मंदिर, श्री प्रकाशेश्वर मंदिर, राधा-कृष्ण मंदिर सभी जगह बाबा का विशेष अभिषेक किया जाएगा।
2100 दीयों से बनाई महारंगोली
श्री पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर में बुधवार शाम 2100 दीयों से महारंगोली बनाई गई। मंदिर में मध्यरात्रि से ही सामूहिक रुद्राभिषेक कार्यक्रम शुरू हो गया था। मंदिर के सेवादार संजय गर्ग ने बताया कि महारंगोली को नंदी संग शिवजी का रूप दिया गया था।
कालसर्प दोष के लिए बुकिंग
गढ़ी-डाकरा स्थित श्री नागेश्वर मंदिर में शिवरात्रि पर कालसर्प दोष की पूजा की जाएगी। मंदिर में सुबह पौने चार बजे बाबा का विशेष अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद शिव भजनों का आयोजन होगा।
पढ़ें, 'मोदी की चाय' से कोई मालामाल तो कोई बेहाल
मंदिर के महंत विश्वनाथ योगी ने बताया कि अब तक 22 लोग कालसर्प दोष निवारण पूजन की बुकिंग करा चुके हैं। इसके लिए दूसरे पंडितों को भी बुलाया गया है। मंदिर में रुद्री पाठ भी होगा।
महंगे बेर ने दिया झटका
महादेव को चढ़ाया जाने वाला खास फल बेर बुधवार को साठ रुपए किलो तक बिका। गुुुुरुवार को इसका दाम बढ़कर 80 रुपए किलो हो सकता है।
फल विक्रेता शहनाज ने बताया कि तब भी यह कीमत पिछले साल से कम ही है। पिछले साल शिवरात्रि पर बेर सौ रुपए किलो तक बिका था।