उन्होंने कहा कि अगर ओवैसी को भारत में रहना है तो भारत के संविधान और न्यायपालिका के आदेश का पालन और सम्मान करना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि भारत में रहकर अगर भारत के खिलाफ ओवैसी बयानबाजी करेंगे तो संत समाज उन्हें इसका मुंहतोड़ जवाब देगा।
उन्होंने कहा कि देश में सभी धर्मों के लोग रहते हैं। ऐसे में अगर मंदिर निर्माण को जबरदस्ती करते और इसमें भेदभाव होता तो सामाजिक समरसता नहीं रहती और सांप्रदायिक सौहार्द भी बिगड़ता।
विश्व हिंदू परिषद, आरएसएस और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद सभी राम मंदिर का निर्माण चाहते थे। यहां तक कि कुछ मुस्लिम पक्ष के लोग भी इस पक्ष में थे। तो फिर ओवैसी ऐसे बयानबाजी क्यों कर रहे हैं।