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Haridwar Kumbh Mela 2021: छह अप्रैल को निकलेगी बैरागी अखाड़ों की पेशवाई, धर्म ध्वजाएं फहराने की तिथि भी घोषित

Fri, 29 Jan 2021 11:18 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
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कुंभ - फोटो : फाइल फोटो
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तीनों बैरागी अखाड़ों ने चंडी पूजन, धर्म ध्वजाएं फहराने और नगर प्रवेश के साथ पेशवाई की तिथि घोषित कर दी हैं। श्रीपंच निर्मोही अखाड़े के अध्यक्ष महंत राजेंद्रदास ने कहा कि एक अप्रैल को चंडी पूजन और दो अप्रैल को तीनों अखाड़ों की धर्म ध्वजाएं फहराई जाएंगी। छह अप्रैल को नगर प्रवेश के साथ भव्य पेशवाई निकाली जाएगी। 

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शुक्रवार को तीनों अखाड़ों श्रीपंच निर्मोही अखाड़ा, श्रीपंच निर्वाणी अखाड़ा और श्रीपंच दिगंबर अखाड़े के संतों की बैरागी कैंप में बैठक हुई। बैठक में कुंभ मेले में बैरागी संप्रदाय के साधु-संतों के नगर प्रवेश और पेशवाई को लेकर मंथन किया। सर्वसम्मति से पेशवाई की तारीख घोषित की गई। 

श्रीपंच निर्वाणी अणि अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत धर्मदास ने कहा कि सरकार वैष्णव संतों की उपेक्षा कर रही है। कुंभ मेले में बैरागी संत ही आकर्षण का केंद्र होते हैं। सरकार को तुरंत मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराकर मेले से संबंधित सभी कार्य पूर्ण करने चाहिए। सरकार को सनातन धर्म पर कुठाराघात नहीं करना चाहिए। बैरागी कैंप क्षेत्र से अतिक्रमण हटाया जाए। बैरागी संतों को भूमि आवंटित की जाए।
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इस दौरान बाबा हठयोगी, श्रीमहंत विष्णुदास, महंत प्रह्लाद दास, महंत दुर्गादास, महंत प्रेमदास, महंत प्रमोददास, महंत शत्रुघ्नदास, महंत हितेश दास, महंत सुमित दास, महंत सूरज दास आदि संत उपस्थित रहे। श्रीपंच दिगंबर अनी अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत किशन दास ने कहा कि मेला प्रशासन बैरागी संतों को सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए। संतों ने कुंभ मेले में कोरोना की एसओपी के कड़े मानकों को धार्मिक परंपराओं से छेड़छाड़ बताया। कहा कि कोरोनाकाल में सरकार कार्यक्रम हो रहे हैं। लाखों की संख्या में आंदोलित किसानों को अनुमति दी जा रही है। लेकिन कुंभ के भजन-कीर्तनों पर क्यों रोक लगाई जा रही है। 

कुंभ मेला भारतीय संस्कृति से जुड़ा पर्व है। कोरोना का बहाना बनाकर सरकार साधु संतों को होटल और गेस्ट हाउस में भेजना चाह रही है, जो कतई स्वीकार नहीं है। कुंभ मेला होगा और साधु संत खुले में ही टेंट एवं शिविर लगाएंगे। तीनों बैरागी अखाड़े अपने इष्ट देव को बैरागी कैंप में लाकर शाही स्नान धूमधाम से कराएंगे। 
- श्रीमहंत राजेंद्र दास, अध्यक्ष श्रीपंच निर्मोही अणि अखाड़ा

टेंट और शिविर नहीं लगेंगे हैं तो कहां रहेंगे बैरागी संत

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने बैरागी कैंप पहुंचकर तीनों बैरागी अखाड़ों के कुंभ मेला कार्यों का जायजा लिया। इसके बाद श्रीपंच निर्मोही अणि अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत राजेंद्र दास से मुलाकात कर कुंभ मेले पर चर्चा की। संतों ने कुंभ मेले के स्वरूप को लेकर चर्चा की और कहा कि टेंट और शिविर नहीं लगते हैं तो संत कहां रहेंगे। 

श्रीमहंत राजेंद्र दास ने कहा कि कुंभ मेले के कार्य धीमी गति से चल रहे हैं। मेला प्रशासन को युद्ध स्तर पर बैरागी कैंप में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए। सरकार और मेला प्रशासन को मेले के स्वरूप को लेकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए कि बाहर से आने वाले साधु संतों के लिए टेंट एवं शिविर लगेंगे या नहीं। लाखों की संख्या में आने वाले बैरागी संत बैरागी कैंप में ही शिविर लगाते हैं।

केंद्र सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन के बाद यदि टेंट और शिविर नहीं लगाए जाते हैं तो बैरागी संत कहां निवास करेंगे। मेला प्रशासन को स्थायी रणनीति बनानी चाहिए। श्रीपंच दिगंबर अणि अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत किशन दास ने कहा कि बैरागी कैंप क्षेत्र को चिह्नित कर तुरंत भूमि आवंटन का कार्य प्रारंभ किया जाए। तीनों वैष्णव अखाड़ों को मेले से जुड़ी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। 

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने आश्वासन दिया कि कुंभ मेले के दौरान किसी भी बैरागी संत को किसी प्रकार की दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। कुंभ मेले के सभी कार्य मेला प्रशासन की ओर से समय से पूर्ण कर लिए जाएंगे। अखाड़ा परिषद की बैठक में कुंभ मेले के स्वरूप को लेकर भी चर्चा की जाएगी।
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ट्रेनों से उतरते ही आस्था के रंग में रंगेंगे श्रद्धालु

शहर कुंभ में यहां आने वाले श्रद्धालुओं की अगवानी के लिए सज गई है। रेलवे स्टेशन परिसर भी आस्था के रंग में रंग दिया गया है। स्टेशन परिसर में भगवान शिव की मूर्ति के साथ अमृत कलश स्थापित हो गया है। भगवान विष्णु और सरस्वती की मूर्तियां भी लगाई जा रही हैं। स्टेशन परिसर में समुद्र मंथन से निकले अमृत की पेंटिंग के बीच सेल्फी प्वाइंट भी तैयार हो गया है।

हरिद्वार रेलवे स्टेशन को बेहद आकर्षक संवारा गया है। इनमें उत्तराखंड की सांस्कृतिक झलकियां और कलाकृतियां बनाई गई हैं। 11 मार्च को कुंभ का पहला शाही स्नान है। जबकि इससे पहले कुंभ साल के पर्व स्नान होंगे। कुंभ और पर्व स्नानों पर देशभर से श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचेंगे। लाखों की संख्या में श्रद्धालु ट्रेनों से आवाजाही करेंगे। इसको लेकर रेलवे ने कुंभ स्पेशल 18 ट्रेन जनवरी पहले पखवाड़े से ही शुरू कर दी हैं।

श्रद्धालुओं को आकर्षित करने के लिए रेलवे स्टेशनों को भव्य सजाया जा रहा है। हरिद्वार स्टेशन परिसर में भव्य शिवजी की मूर्ति और मुख्य प्रवेश द्वार के पास ही समुद्र मंथन कलश स्थापित हो गई है। टिकट घर के पास भगवान गणेश और प्रवेश द्वार के पास मां सरस्वती की मूर्तियां स्थापित हो रही हैं। मूर्ति तैयार करने वाले दीपक भदौरिया ने बताया कि मूर्तियां फाइबर से तैयार की गई हैं। स्टेशन परिसर में पहले से लगी भोलेनाथ की मूर्ति को भी बेहद आकर्षक सजा दिया है। स्टेशन पर उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ी कई म्यूरल पेंटिंग भी तैयार की गई है।
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