रेलवे अधिकारियों ने आखिरकार जनशताब्दी एक्सप्रेस के एसी चेयरकार की टूटी सीटों वाले कोच को ही बदल दिया है। नया कोच मिलने से यात्रियों को राहत मिली है। अमर उजाला ने 18 फरवरी के अंक में यात्रियों की इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसमें तस्वीर के साथ दिखाया गया था कि किस तरह से देहरादून से नई दिल्ली के बीच चलने वाली जन शताब्दी जैसी वीआईपी ट्रेन के एसी चेयरकार के कोच की कुछ सीटें टूटी हुई हैं।
मजबूरी में यात्री इन्हीं टूटी सीटों पर बैठकर सफर करने को मजबूर थे। यात्रियों ने इस समस्या को लेकर कर्मचारियों से शिकायत भी की थी। अक्सर इसे लेकर कोच में तैनात स्टाफ से भी यात्रियों की बहस होती थी।
इस ट्रेन के सी-वन एसी चेयरकार कोच में सीट नंबर 42, 25 और 47 आदि तो बदहाल थी। कुछ सीटों के तो हैंडिल तक टूटे हुए थे। इन सीटों को बदलने या ठीक करने के बजाय फोम के ऊपर टेप लपेटे गए थे।
अमर उजाला में खबर प्रकाशित होते ही रेलवे के अधिकारी हरकत में आए। जिसके बाद इस सी वन कोच को ही बदलकर उसकी जगह नया कोच लगा दिया गया। एडिशनल स्टेशन सुप्रीटेंडेंट (ऑपरेशन) सीताराम शंकर ने कोच को बदलने की पुष्टि की है।
रेलवे अधिकारियों ने चेकिंग के दौरान अलग-अलग ट्रेनों में बिना टिकट यात्रा कर रहे दो दरोगाओं और आठ कांस्टेबल को पकड़ा। पहले दरोगाओं और कांस्टेबलों ने पकड़े जाने पर वर्दी की हनक दिखाने की कोशिश की, मगर अधिकारियों के सामने उनकी एक न चली। बाद में उन्होेंने जुर्माने की राशि देकर अपना पीछा छुड़ाया। इसके अलावा भी अन्य 30 यात्रियों को बिना टिकट यात्रा करते पकड़ा गया। इन सबसे रेलवे अधिकारियों ने करीब 14 हजार रुपये का जुर्माना वसूला।
मुरादाबाद मंडल के सीनियर डीसीएम रेखा शर्मा ने बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इसके चलते सीएमआई रुड़की अजय तोमर के नेतृत्व में अधिकारियों ने शुक्रवार को अमृतसर-हावड़ा एक्सप्रेस, देहरादून-दिल्ली जनशताब्दी एक्सप्रेस, हरिद्वार-पुरी एक्सप्रेस, देहरादून-बांद्रा एक्सप्रेस, अमृतसर-हरिद्वार एक्सप्रेस, श्रीगंगानगर एक्सप्रेस, अहमदाबाद मेल, चंडीगढ़-लखनऊ एक्सप्रेस व अमरनाथ एक्सप्रेस सहित अन्य ट्रेनों में चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान अधिकारियों ने अलग-अलग ट्रेनों में यात्रा कर रहे दो दरोगाओं व आठ पुलिसकर्मियों समेत 40 यात्रियों को बिना टिकट यात्रा करने पर पकड़ लिया।
यात्री बिना टिकट आराम से ट्रेनों के स्लीपर क्लास में यात्रा कर रहे थे। पहले तो पुलिसकर्मियों ने रेल अधिकारियों पर वर्दी का रौब दिखाने का प्रयास किया। इस अधिकारी सख्त हो गए और उनपर जुर्माना लगा दिया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने जुर्माना भरकर चुपचाप निकलने में ही भलाई समझी। अधिकारियों ने बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों से मौके पर 14 हजार 265 रुपये का जुर्माना वसूला। सीएमआई अजय तोमर ने बताया कि बृहस्पतिवार को रुड़की रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की बेटिकट, सुरक्षा, सुविधा के लिए संदिग्ध यात्रियों के खिलाफ अभियान चलाया गया। आगे भी नियमित रुप से यह चेकिंग अभियान जारी रहेगा।