द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर के कपाट मंगलवार को प्रात: 11 बजे वैदिक मंत्रोच्चार एवं पूजा-अर्चना के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए।
भगवान मद्महेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली विभिन्न पड़ावों से होते हुए 27 नवंबर को शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंचेगी। मंगलवार को द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर धाम में प्रात: 7 बजे से विशेष पूजा-अर्चना शुरू हुई।
प्रात: 10.30 बजे भगवान की डोली मंदिर से बाहर निकली। प्रात: 11 बजे मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए गए और भगवान मद्महेश्वर द्वारा मंदिर की परिक्रमा के बाद शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर के लिए प्रस्थान किया। डोली प्रभारी वाईएस पुष्पवाण ने बताया कि कपाट बंद होने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं।
द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली के शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर आगमन को लेकर मंदिर समिति ने तैयारियां तेज कर दी थीं। बताया गया कि भगवान मद्महेश्वर के डोली आगमन पर ऊखीमठ में 26 से तीन दिवसीय मेला भी शुरू हो रहा है।