सोमवार को द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर के कपाट वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ सिंह लग्न में प्रात: 11.30 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इस मौके पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री उमा भारती, जिला पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी राणा सहित सैकड़ों भक्तों ने जलाभिषेक कर बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया। अब, अगले छह माह धाम में ही भगवान अपने भक्तों को दर्शन देंगे।
भगवान मद्महेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली प्रात: 11 बजे अपने धाम पहुंची। मंदिर की परिक्रमा के बाद भगवान ने मंदिर परिसर में रखे अपने ताम्रपात्रों का गहनता से निरीक्षण किया। इसके बाद मुख्य पुजारी शिव शंकर लिंग ने चल विग्रह उत्सव डोली में विराजमान भोग मूर्ति की पूजा-अर्चना कर अभिषेक किया। इसके बाद भोगमूर्ति को वेद-मंत्रोच्चारण के बीच गर्भगृह में स्थापित किया गया। इस मौके पर कपाट बंद होने दौरान स्वयंभू लिंग को दी गई समाधी में चढ़ाए गए पुष्प, चंदन और अक्षत को श्रद्धालुओं को प्रसाद रूप में वितरित किया गया।
धार्मिक परंपराओं के निर्वहन के उपरांत वहां मौजूद सैकड़ों भक्तों ने भगवान मद्महेश्वर का जलाभिषेक कर पूण्य प्राप्त किया। इस अवसर पर यहां मौजूद केंद्रीय कैबिनेट मंत्री उमा भारती व रुद्रप्रयाग जिला पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी राणा ने बाबा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। वहीं, ठीक पौने एक बजे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी हेलीकॉप्टर से अपनी बेटी व अन्य के साथ धाम पहुंचे। यहां उन्होंने बाबा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। कहा कि वह द्वितीय केदार के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस कर रहे हैं। उन्होंने धाम में बिजली, पानी, संचार, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इससे पूर्व द्वितीय केदार की चल विग्रह डोली की प्रात: 5 बजे गौंडार गांव में मुख्य पुजारी ने पूजा-अर्चना की। इस मौके पर ग्रामीणों ने अपने देवता को मौसमी फल, सब्जी और अनाज भेंट कर धाम के लिए विदा किया। डोली वणतोली, खंडारा, नानू, मैखुमा, कुन्नचट्टी होते हुए 12 किमी पैदल यात्रा तय कर प्रात: 11 बजे देवदर्शनी पहुंची। यहां पर अल्म विश्राम किया। मद्महेश्वर मंदिर में पहले से मौजूद थौर भंडारी द्वारा शंख ध्वनी से भगवान को अपने धाम आने का न्यौता दिया गया, इसके बाद भगवान की डोली भक्तों के जयकारे के साथ मंदिर पहुंची। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य संगीता नेगी, मीना पुंडीर, डोली प्रभारी वचन सिंह रावत, मंदिर समिति के सदस्य शिव सिंह रावत, मृत्योंजय हीरेमठ, दीपक रावत, लक्ष्मण सिंह नेगी, डा. कैलाश पुष्पवाण, संदीप बेंजवाल, दीपक नेगी सहित पंच गौंडारी व अन्य ग्रामीण मौजूद थे।